पनीर के पैसे मांगने से नाराज थाने के एक दरोगा ने होटल स्वामी की पत्नी और मासूम बच्चियों की पिटाई कर गालियां दीं। इससे नाराज महिलाओं ने थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया। एसओ अजय यादव ने महिलाओं को शांत कराते समय जांच का आश्वासन दिया और पनीर का बकाया रुपया भी होटल स्वामी को दे दिया।
लखीमपुर खीरी के निघासन कस्बे के सिंगाही रोड स्थित होटल स्वामी अशोक ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर थाने के दरोगा शंखधर भट्ट करीब 2760 रुपये का पनीर और अन्य सामान उधार ले गए थे।
आरोप है कि कई बार पैसे की मांग की, लेकिन वह अगले दिन आना कहकर टालते आ रहे थे। बताया जाता है कि बुधवार शाम को दरोगा से फिर रकम मांगी गई। उन्होंने सुबह घर आकर पैसा देने की बात कही।
गुरुवार की सुबह करीब सात बजे दरोगा थाने के पीछे स्थित अशोक के घर जा धमका। वहां पर अशोक के न मिलने पर उसकी पत्नी निशा और पुत्री सुलोचना, नैंशी और गौरी को गालियां देने लगा। आरोप है कि इतना ही नहीं उसने थाने की बाउंड्री के बाहर रखे सामान को भी फेंकने की धमकी दी।
गालियां देने से मना किया तो वह आगबबूला हो गया और उसने नैंशी और गौरी को तमाचा जड़ दिया। महिलाओं की भीड़ आते हुए देखकर दरोगा मौके की नजाकत को समझते हुए वहां से खिसक लिया। नाराज सरोजनी, रामदेवी, तपेस्वरी, भुल्ली, सुनीता, मुन्नी, आशा देवी, सोनी, अर्चना, संगीता आदि महिलाएं थाने पहुंचीं।
वहां पर उन लोगों ने प्रदर्शन करते हुए हंगामा किया और मामले की जानकारी एसएसपी को फोन पर दी। एसओ अजय यादव ने पनीर के बकाया रुपये दिए और कार्रवाई का आश्वासन देते हुए महिलाओं को शांत कराया।
एसओ अजय यादव ने कहा पनीर के पैसे की जानकारी नहीं थी। होटल स्वामी के बताने पर उसे पैसे दे दिए गए हैं। थाने के अंदर मवेशियों को बांधकर गंदगी की जाती है, जिसके चलते कई बार मोहल्लेवासियों को टोका गया है। अगर दरोगा ने अभद्रता की है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
आरोपी दरोगा शंखधर भट्ट बोला यह सच है कि पनीर के पैसे बकाया थे। गुरुवार को थाने के अंदर गंदगी करने के कारण उन लोगों को डांटा गया था। मारने पीटने का आरोप गलत है।