ऐसी कौन सी बात हो गई जिसने एक चौकी इंजार्ज को आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया। एक दरोगा ने खुद को अपनी सर्विस रिवॉल्वर से उड़ा लिया। घटना से कुछ देर पहले ही वो एसपी सिटी से मिलकर आए थे।
घटना बुलंदशहर की है। नरसलघाट चौकी इंचार्ज प्रदीप कुमार ने पत्नी से विवाद के बाद सोमवार को घर में अपनी सर्विस रिवाल्वर से खुद को गोली मारकर जान दे दी। घटना से कुछ देर पहले ही एसपी सिटी ने पति-पत्नी को समझाकर घर भेजा था।
एसपी सिटी डॉ. प्रवीण रंजन सिंह ने बताया कि प्रदीप का अपनी पत्नी से घरेलू विवाद चल रहा था। संभवत: इसी के चलते प्रदीप ने आत्महत्या की है। फिलहाल पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।
मूलरूप से इटावा जिले के थाना नोझल स्थित गांव गुलाबपुरा निवासी प्रदीप कुमार 2012 में पुलिस में भर्ती हुए थे। वर्ष 2013 में पहली नियुक्ति जनपद के गुलावठी थाने में हुई थी। उसके बाद बुलंदशहर में नई मंडी चौकी, कोतवाली नगर में उनकी तैनाती रही।
वर्तमान में वह कोतवाली नगर के नरसलघाट चौकी प्रभारी के पद पर तैनात थे और नगर के हरि इंक्लेव स्थित धर्मपाल के मकान में किराए पर दो माह से रह रहे थे। प्रदीप कुमार की शादी 28 अप्रैल 2016 में ग्वालियर निवासी गुंजन से हुई थी। पत्नी गुरुग्राम में जॉब करती है।
फाइल
पिछले कुछ दिनों से प्रदीप का अपनी पत्नी के साथ घरेलू विवाद चल रहा था। इसके चलते वह परेशान चल रहे थे। सोमवार को भी पत्नी से विवाद हुआ था। इसके चलते गुंजन अपनी मां के साथ शिकायत करने के लिए एसपी सिटी डॅ प्रवीण रंजन सिंह के पास गई थी।
एसपी सिटी ने प्रदीप कुमार को बुलाकर समझाया था और उसके बाद उन्हें घर भेज दिया। इसके बाद अपने घर पहुंचे और कमरे में जाकर अपनी सर्विस रिवाल्वर को कनपटी से सटाकर खुद को गोली मार ली। गोली लगते ही प्रदीप बेड पर गिर पड़े।
घर में मौजूद प्रदीप की पत्नी और सास ने देखा तो उनकी चीख निकल गई। आस - पड़ोस के लोग मौके पर एकत्रित हो गए। सूचना पर एसपी सिटी, सीओ, कोतवाली प्रभारी आदि पुलिस अफसर भी मौके पर पहुंच गए। आनन-फानन में घायल प्रदीप कुमार को अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें नोएडा कैलाश अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। जहां उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।