मुंबई में डॉक्टर दीपक अमरापुरकर की मौत के मामले में पुलिस ने चार स्थानीय लोगों को गिरफ्तार कर सात दिन की हिरासत में लिया है। गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट की मौत अगस्त में मुंबई में आई भारी बारिश के चलते गड्डे में गिरने से हो गई थी। दीपक की लाश गहन तलाशी के बाद वर्ली में उनकी मौत के दो दिन बाद मिली थी।
दादर पुलिस ने इस मामले में सिद्देश भेलसेकर, राकेश कदम, कदम का भाई निलेश और दिनार पवार को आईपीसी की धारा 304 ए, (लापरवाही के कारण हुई मौत) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
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सूत्रों के मुताबिक, चारों लोगों ने मोहल्ले में बारिश का पानी भर जाने के कारण मेनहोल को खोल दिया था जिसमें डॉक्टर की गिरकर मौत हो गई थी। मिली के जानकारी के मुताबिक, इस मामले में कई स्थानीय लोगों के बयान भी दर्ज किए गए हैं।
पुलिस ने कहा कि लोगों को सेनापति बाजार पर बने मेनहोल खोलने का अधिकार नहीं है। अगर इन लोगों ने खोला भी था तो एक सांकेतिक बोर्ड लगाना चाहिए था जिससे लोगों के लिए जान का खतरा नहीं बना रहता।
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बता दें कि 29 अगस्त को डॉक्टर दीपक बॉम्बे अस्पताल से घर के लिए वापस लौट रहे थे। दीपक घर अपनी कार से जा रहे थे। बारिश का पानी ज्यादा जमा होने से वे कार से उतर गए और ड्राइवर को गाड़ी बाद में लाने को कहा। लेकिन थोड़ी दूर चलने के बाद ही दीपक की मेनहोल में गिरने से मौत हो गई।