मध्यप्रदेश में 16 साल की किशोरी के साथ कई महीनों तक रेप की वारदात को अंजाम दिया गया है। आरोपियों में 80 साल का बुजुर्ग और अन्य पांच दरिंदे शामिल हैं, जो ब्लैकमेलिंग के दम पर नाबालिग को हैवानियत का शिकार बनाते रहे। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक पीड़िता ने अपने साथ हुई दरिंदगी की पूरी कहानी उस वक्त बयां की, जब उसे प्रेग्नेंट होने का खतरा सताने लगा। पीड़िता ने बताया कि रेप की शुरुआत आरोपी सुखदेव तिवारी ने की, जो कि उसी के गांव का है। पीड़िता साक्षी (बदला हुआ नाम) ने कहा कि उसने इस बारे में किसी को इसलिए नहीं बताया, क्योंकि इससे उसके परिवार की समाज में बदनामी हो जाती।
साक्षी की चुप्पी का फायदा सुखदेव उठाने लगा और उसका रेप लगातार करने लगा। हालात उस वक्त और बिगड़ गए जब सुखदेव की तरह दूसरा आरोपी वचन राजक भी साक्षी का रेप करने लगा। इसकी भनक चार और आरोपी सुखदेव, सोनू राजक, राजकुमार राजक और रवि राजक को भी लग गई और वे भी मौके का फायदा उठाते हुए साक्षी को अपना शिकार बनाने लगे।
समाज में परिवार की बदनामी न हो इसलिए साक्षी ये सब महीनों तक सहती रही, लेकिन उसके गर्भवती हो जाने की वजह से यह काला सच दुनिया के सामने आ गया। पिछले हफ्ते साक्षी को महसूस हुआ कि इसकी खबर अपनी मां को दे देनी चाहिए। इसके बाद परिवार साक्षी को पुलिस के पास ले गया, जहां मौजूद एसपी शुक्ला ने खुद साक्षी का बयान दर्ज किया। फिलहाल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।