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अनशन पर बैठे पीड़ितों को राज्यमंत्री की कार ने मारी टक्कर, कई लोग हुए घायल !

Mon, 28 Aug 2017 12:28 AM IST
amarujala.com, Presented by: शारुख खान
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कार की टक्कर से लगने से घायल - फोटो : अमर उजाला
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तीन दिनों से न्याय की आस में घंटाघर चौराहे पर अनशन पर बैठे पीड़ितों को राज्यमंत्री लिखी गाड़ी को रोकना मंहगा पड़ गया। पीड़ित ने बताया कि घंटाघर के पास से गुजर रही कार में जब उन्होंने राज्यमंत्री लिखा देखा तो उन्होंने गाड़ी रोककर फरियाद सुनाने की कोशिश की। लेकिन कार पीड़ित को टक्कर मारती हुई गाड़ी आगे निकल गई। इस टक्कर से पीड़ित बुरी तरह घायल हो गया और बीच सड़क पर बेहोश होकर गिर पड़ा। आननफानन में उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। 
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जाखलौन थानांतर्गत सिवनी गांव निवासी राजन राजपूत अपने पिता की हत्या के मामले में पुलिस पर आरोपियों से रुपये लेकर फर्जी एफआर लगाने का आरोप लगाते हुए तीन दिनों से परिवार सहित घंटाघर पर अनशन पर बैठा था। पीड़ित ने बताया कि रविवार की शाम चार बजे वह घंटाघर पर था।

इसी दौरान एक कार निकली, जिस पर महरौनी विधायक और प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन राज्य मंत्री मन्नू कोरी का नाम लिखा हुआ था। जब उन्होंने उस कार को रोककर फरियाद सुनाने की कोशिश की तो गाड़ी नहीं रुकी और टक्कर मारती हुई आगे निकल गई। पीड़ित के परिजनों ने बताया कि टक्कर मारने के बाद गाड़ी तेजी से आगे निकल गई।
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फाइल
सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। घटना स्थल पर उपस्थित लोगों ने बताया कि गाड़ी में कौन बैठा था यह तो नहीं पता, लेकिन गाड़ी पर भाजपा का झंडा लगा हुआ था। वह शायद गाड़ी शहर के ही किसी भाजपा पदाधिकारी की है।

इस संबंध में श्रम और सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ ने बताया कि मेरी कोई भी गाड़ी घंटाघर की ओर नहीं गई और न ही किसी को टक्कर मारी है। पीड़ित द्वारा लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश चंद्र लोधी ने बताया कि रविवार को उनकी गाड़ी भी घंटाघर की ओर से नहीं गुजरी है। हालांकि कार किसकी है यह घंटाघर पर लगे सीसीटीवी कैमरे से स्पष्ट हो जाएगा।

घटना के संबंध में पुलिस अधीक्षक सलमान ताज पाटिल ने बताया कि पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराया गया है, जिसमें शरीर में चोट के कहीं निशान नहीं मिले हैं। इसके अलावा प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी भी की गई है। उन्होंने बताया कि गाड़ी पर भाजपा का झंडा हुआ था, लेकिन उसमें कौन बैठा था? यह जानकारी किसी के पास नहीं है। मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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