एक मां को इसकी जरा भी उम्मीद नहीं की होगी की जमीन का एक छोटा सा टुकड़ा, बेटे को न देने पर जान गंवानी पड़ जाएगी। मध्य प्रदेश के गांव सुनवानी महाकाल में बेटे ने जमीन ने के लिए अपनी मां भगवंताबाई की गला घोंट कर हत्या कर दी है और उसकी लाश को घर से दूर बोरे में बांध कर कुएं में फेंक दिया। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार आरोपी बेटे विष्णुप्रसाद पटेल के साथ उसकी पत्नी शिप्रा पटेल ने भी इस खूनी मंजर में उसका साथ दिया है।
किसी को शक न हो, इसलिए बेटे ने खुद ही जाकर मां के गायब होने की शिकायत पुलिस थाने में करवा दी। हालांकि 2 सितंबर से गायब मां की खबर न मिलने पर बेटी काफी परेशान थी।
कुएं में बड़ी थैली में मोबाइल और जेवर समेत मिली लाश
खून कर चुके बेटे और बहू के चेहरे पर जरा भी शिखस्त नहीं थी की उन्होंने 75 साल की बुजुर्ग महिला को बेरहमी से खत्म कर दिया है। जांच में जुटी पुलिस ने मौत की इस गुत्थी को तब सुलझाया, जब कुएं से बड़ी थैली में लाश मिली और जब उन्होंने उसे कुएं से बाहर निकाला तो वह भगवंताबाई ही थी।
पुलिस का कहना है कि महिला के साथ जेवर से लेकर वह सब सामान बरामद हुआ, जिसकी खबर उसकी बेटी ने शिकायत के दौरान बताया था। पुलिस ने मां के गले पर निशान पाए जिससे साफ दिख रहा था कि उसका खून गला घोंट कर किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
मां भगवंताबाई 12 बीघा जमीन बेटे के नाम कर चुकी थी, लेकिन उसकी नजर बची हुई बाकी 6 बीघा जमीन पर भी थी। दरअसल, पहली पत्नी से उसे एक बेटा भी था और वह बाकी की जमीन उसके नाम करवाना चाहता था। लेकिन शिप्रा ने बची हुई जमीन अपने नाम करवाने के लिए विष्णु पर जोर डाला।
मां के न मानने पर दोनों उसे रोज मारते थे और अत्याचार करते रहते थे। एक दिन बात इतनी बढ़ गई कि भगवंती की हत्या कर दी गई।