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यौन शोषण का दोषी बोला, बेरोज़गार हूं, कोर्ट ने दे दी राहत

Mon, 17 Jul 2017 04:50 PM IST
amarujal.com, Presented By: आसिफ़ इक़बाल
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यौन शोषण के दोषी को एक दिन की सज़ा
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महाराष्ट्र के ठाणे की विशेष पॉस्को अदालत ने एक फैसला सुनाया है, जिसमें 20 साल के एक युवक को एक नाबालिग लड़की के यौन शोषण का दोषी ठहराते हुए एक दिन की सज़ा दी गई। इस सज़ा के तहत कोर्ट की कार्रवाही खत्म होने के बाद दोषी अपने घर जा सकता है।
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युवक को आईपीसी की धारा 354 (डी) लड़की का पीछा करने और यौन उत्पीड़न (पॉस्को) अधिनियम के तहत दोषी पाया गया था। इन दोनों ही धाराओं में 3-3 साल की सजा का प्रावधान है, जबकि दूसरी बार इन धाराओं में दोषी पाए जाने पर यह सजा पांच-पांच साल तक हो सकती है।

मामला 2016 का है। कल्याण के एक स्कूल में पीड़िता दसवीं की छात्र थी। दोपहर तक स्कूल में पढ़ाई करने के बाद उसे ट्यूशन के लिए दूसरी जगह जाना होता था। इसी दौरान पीड़िता की बिल्डिंग में रहने वाला युवक उसका लगातार पीछा करता था।
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पीड़िता को रोककर रखा दोस्ती का प्रस्ताव

युवक ने कई बार पीड़िता को रोककर दोस्ती का प्रस्ताव रखा, लेकिन उसने इनकार कर दिया। कुछ दिन बाद युवक ने पीड़िता के सामने प्यार का इजहार किया और कुबूल न करने पर जान से मारने की धमकी दी।

लगातार युवक द्वारा परेशान करने पर पीड़िता ने इस बात की शिकायत अपनी मां से की। बेटी को परेशान देखकर मां ने युवक को चेतावनी भी दी, बावजूद इसके युवक ने लड़की का पीछा करना नहीं छोड़ा।

इसके बाद पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। करीब एक साल तक चले मामले में फैसला सुनाते हुए ठाणे की विशेष पॉस्को कोर्ट ने पाया कि यह शिकायत कहीं से भी गलत नहीं थी। युवक के खिलाफ पूरे सबूत मिले।

कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि चूंकि दोषी ने मांग की है कि वो बेरोजगार है और नौकरी की तलाश कर रहा है, लिहाजा उसके साथ नरम रुख अपनाया जाए। कोर्ट ने दोषी की मांग को देखते हुए उसे एक दिन की जेल की सजा सुनाई और कोर्ट की पूरे दिन की कार्रवाही खत्म होने के साथ ही उसे रिहा करने का आदेश दिया।

इसके अलावा दोषी पर 200 रुपये का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने कहा कि अगर दोषी जुर्माना नहीं चुका पाता है, तो उसे सात दिन जेल में गुजारने होंगे। 
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