चीन में इंटरनेट पर समलैंगिक संबंधों को दिखाने वाले वीडियो ब्लॉक किए जा रहे हैं। इसे लेकर चीन की माइक्रोब्लॉगिंग साइट वीबो पर जमकर बहस छिड़ी हुई है। कई वीबो यूजर सरकार के इस फ़ैसले का विरोध कर रहे हैं। कुछ नाराज़ हैं तो कुछ हताश लग रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, "सभी लोग एक समान हैं।
सरकार आख़िर किस अधिकार से समलैंगिकों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपना रही है"। एक अन्य ने लिखा है, "क्या समलैंगिक इंसान नहीं हैं? सरकार उन्हें अछूत साबित क्यों करना चाह रही है"।
यह पूरी बहस उस फ़ैसले के बाद छिड़ी। जिसमें सरकार ने इंटरनेट से समलैंगिकता को बढ़ावा देने वाले वीडियो हटाने का निर्णय लिया था। जुलाई के शुरुआती दिनों में लागू किए गए नियम में समलैंगिक लोगों को 'एबनॉर्मल' बताया गया है। इसके तहत समलैंगिक सेक्स वीडियो के साथ-साथ उन वीडियो पर भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिसमें समलैंगिक जोड़ों को दिखाया गया है। ऐसे वीडियो पर नज़र रखने के लिए विशेष रूप से सेंसरशिप टीम का गठन किया गया है। जो वीडियो डिलीट करने का काम कर रही है।
सोशल मीडिया में इस मुद्दे से जुड़ी बहस तेज हो गई है। इससे संबंधित हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। इसके अलावा सेंसरशिप करने वाली टीम वेश्यवृति, नशाखोरी, विवाहेत्तर संबंध जैसे मुद्दों को दर्शाने वाले वीडियो पर भी कार्रवाई कर रही है। सेंसर के लिए कुल 84 श्रेणियां बनाई गई हैं।
यहां तक की भड़कीले व्यवहार जैसे चुंबन तक दर्शाने वाले वीडियो भी डिलीट किए जा रहे हैं।सरकार के निर्देशों के अनुसार इंटरनेट पर लगाए गए वीडियो चीन को महान राष्ट्र बनने के सपने में मददगार साबित होने चाहिए।