उत्तर प्रदेश में बिजनौर के नजीबाबाद में अंधेरे में घूम रहे एक संदिग्ध युवक को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला। भीड़ को संदेह था कि संदिग्ध युवक क्षेत्र में किसी महिला को अकेला पाकर उस पर हमला करने की फिराक में है।
शनिवार रात गांव गढ़मलपुर में सन्नाटा पसरा था। गांव के निकट एक आम के बाग में संदिग्ध युवक देखे जाने का शोर मचा। बस फिर क्या था, देखते ही देखते भीड़ ने बाग को घेर लिया। आए दिन महिलाओं पर हमले की घटनाएं होने से भीड़ में पहले ही काफी गुस्सा था और भीड़ के इस गुस्से का शिकार युवक बना। भीड़ ने युवक को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया।
सूचना मिलने पर नजीबाबाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस घायल युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र समीपुर ले आई, जहां चिकित्सक ने युवक को मृत घोषित कर दिया। युवक की पहचान गांव कोटकादर निवासी रईस के पुत्र सलीम (22) के रूप में हुई। सूचना मिलने पर मृतक के परिजन अस्पताल पहुंच गए। पुत्र की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
महिलाओं पर हमले की घटनाएं बनीं सिरदर्द
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उधर, एसआई वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि मृतक के पिता रईस ने पुलिस को तहरीर सौंपी, जिसमें बताया गया कि उनका पुत्र मानसिक रूप से अस्वस्थ था। वह अक्सर घर से कहीं चला जाता था। वह तीन दिन से घर से लापता था। परिजन उसकी तलाश में लगे थे।
शनिवार रात गिरकर चोट लगने से सलीम की मौत हो गई। परिजन घटना के संबंध में कोई कार्रवाई न करने की पुलिस से गुहार कर शव घर ले गए।
आए दिन महिलाओं पर हमले की घटनाएं जहां पुलिस के लिए सिरदर्द बनी हैं, वहीं ग्रामीण डरे-डरे से हैं। दरअसल 28 जुलाई को भागूवाला क्षेत्र के लोगों ने एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़कर मंडावली पुलिस को सौंपा था। पूछताछ में वह मानसिक रूप से अस्वस्थ और पहचान कराने पर उसके हमलों में शामिल न होने की पुष्टि हुई थी।
28 जुलाई की रात नजीबाबाद पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को पकड़ा था। जिसकी पहचान साहनपुर निवासी जावेद के रूप में करते हुए पुलिस ने उसके द्वारा महिलाओं के साथ बलात्कार की कोशिश करने और नाकामयाब होने पर महिला पर जानलेवा हमला करने का खुलासा करते हुए उसे जेल भेज दिया था। पुलिस द्वारा जांच में पता चला था कि उस पर कई मुकदमे पहले ही दर्ज हैं।