सोशल मीडिया पर फैली अफवाह का शिकार बन अपनी जान गंवाने वाले गुवाहाटी के दो युवकों के मामले में एक नया खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में लक्ष्यज्योति फुकान नामक एक युवक को गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि वह कमिश्नर की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर लोगों को भड़काता था।
8 जून को दोनों युवकों को बच्चा चोर होने के संदेह में भीड़ ने पीट पीटकर मार डाला था। उनके बच्चा चोर होने की खबर
फेसबुक पर पोस्ट की गई थी। जब उस पोस्ट की जांच की गई तो पता चला कि अफवाह पुलिस कमिश्नर हीरेन नाथ के फेसबुक आईडी से सबसे पहले फैलाई गई थी। लेकिन जब इस बारे में उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनकी कोई फेसबुक आईडी ही नहीं है।
पुलिस की आईडी की जांच करने पर सोमवार को इस बात का खुलासा हुआ कि आरोपी उनके नाम से फर्जी आईडी बनाकर विद्वेष फैलाने का काम कर रहा था। असम के कार्बी आंगलोंग जिले के दूरवर्ती इलाके में भीड़ द्वारा मारे गए युवक बार बार कह रहे थे कि वह केवल वहां घूमने आए हैं। उनका बच्चा चोर गिरोह से कोई संबंध नहीं है लेकिन फिर भी भीड़ ने उनकी एक ना सुनी। अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर वो लोग इतना डरे हुए थे कि उन्होंने दोनों निर्दोष युवकों के गिड़गिड़ाने और चिल्लाने के बावजूद भी उन पर कोई रहम नहीं किया।
असम के डीजीपी कुलधर सैकिया का कहना है कि भीड़ की ओर से पीट पीटकर मार डालने वाले इस मामले में अब तक 35 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच में यह बात भी सामने आई है कि अफवाह उड़ाने में नाबालिग भी शामिल हैं। वहीं मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने घटना की निंदा करते हुए पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।