रोशन नाम के इस छात्र की मां शर्मिला देवी कहती हैं, "हथेली जलने से रोशन तकलीफ में तो है ही, साथ ही बहुत डर गया है। वो अपने हाथ से खाना नहीं खा पा रहा है साथ ही उसने स्कूल जाने से मना कर दिया है।"
शर्मिला देवी के मुताबिक, "सिर्फ उनके बेटे की ही नहीं, बल्कि लक्ष्मी यादव, नवनेश कुमार, प्रिया मंडल समेत और भी कई बच्चों की हथेलियां जल गई हैं जिससे वे बहुत सहमे हुए हैं।" इस घटना के बाद इलाके के लोगों में बहुत गु्स्सा है।
चक्रधरपुर के एसडीओ प्रदीप प्रसाद के नेतृत्व में प्रशासनिक अधिकारियों की एक टीम ने मामले की जांच की, जिसमें कई छात्रों, अभिभावकों, प्रिंसिपल और शिक्षकों से बात की गई। जांच के बाद एसडीओ ने अपनी रिपोर्ट पश्चिमी सिंहभूम के डीसी अरवा राजकमल को सौंप दी, जिन्होंने बताया कि 'प्रिंसिपल ने जांच कमेटी के सामने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है।'
पुलिस ने प्रिंसिपल के खिलाफ बाल संरक्षण कानून के तहत मामला दर्ज कर लिया है।उधर, प्रिंसिपल ने ये तो माना कि उनसे गलती हो गई, लेकिन यह भी कहा कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि बच्चों के हाथ ऐसे जल जाएंगे।
प्रिंसिपल ने बीबीसी हिंदी से कहा, "हाल के दिनों में स्कूल में चोरी की कई घटनाएं हो रही थीं जिसके बाद मैंने बच्चों को समझाने के लिए मोमबत्ती पर हाथ रखने को कहा, मुझे उम्मीद थी कि चोरी करने वाला बच्चा हाथ जलने के डर से अपनी गलती मान लेगा, लेकिन किसी बच्चे ने ऐसा नहीं किया। मुझे पता नहीं था कि बच्चों की हथेली इस तरह जल जाएगी।"
इस बीच चर्च के फादर ने भी इस घटना की निंदा की है। उन्होंने बताया कि इस मामले में चर्च भी अपनी कार्रवाई करेगा।