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स्कूल प्रिंसिपल की दरिंदगी, सजा में बच्चों के जला दिए हाथ 

Fri, 02 Feb 2018 03:27 PM IST
बीबीसी, हिन्दी
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झारखंड के चक्रधरपुर में एक स्कूल प्रिंसिपल ने जलती मोमबत्ती के ऊपर हाथ रखवाकर बच्चों की हथेलियां जला दी। इन बच्चों से स्कूल में हुई एक चोरी के सिलसिले में पूछताछ की जा रही थी। घटना के बाद इलाके के अभिभावकों में गुस्सा फैल गया और उन्होंने प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रशासन ने एक कमेटी बनाकर मामले की जांच करवाई और प्रिंसिपल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। पुलिस के मुताबिक प्रिंसिपल ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है।

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क्या है मामला?
वाकया जीईएल चर्च परिसर में बने बेरुता मेमोरियल स्कूल का है।चौथी क्लास में पढ़ने वाले आनंद बोदरा के 200 रुपये चोरी हो गए थे जिसकी शिकायत उसने प्रिंसिपल से की।प्रिंसिपल ने बच्चों से पूछा, लेकिन किसी ने चोरी की बात कुबूल नहीं की।

इसके बाद प्रिंसिपल ने बच्चों से एक-एक करके जलती हुई मोमबत्ती के ऊपर हाथ रखने को कहा।प्रिंसिपल ने बच्चों को बताया कि 'सिर्फ उसी बच्चे की हथेली जलेगी, जिसने चोरी की है। बाकियों को मोमबत्ती से कोई नुकसान नहीं होगा।' बच्चे एक-एक करके मोमबत्ती पर हाथ रखने लगे, जिसमें एक बच्चे की हथेली तो इतनी बुरी तरह जल गई कि उसे अस्पताल ले जाना पड़ा।

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'मेरा बच्चा स्कूल जाने को भी तैयार नहीं है'

jharkhand
रोशन नाम के इस छात्र की मां शर्मिला देवी कहती हैं, "हथेली जलने से रोशन तकलीफ में तो है ही, साथ ही बहुत डर गया है। वो अपने हाथ से खाना नहीं खा पा रहा है साथ ही उसने स्कूल जाने से मना कर दिया है।"

शर्मिला देवी के मुताबिक, "सिर्फ उनके बेटे की ही नहीं, बल्कि लक्ष्मी यादव, नवनेश कुमार, प्रिया मंडल समेत और भी कई बच्चों की हथेलियां जल गई हैं जिससे वे बहुत सहमे हुए हैं।" इस घटना के बाद इलाके के लोगों में बहुत गु्स्सा है।

चक्रधरपुर के एसडीओ प्रदीप प्रसाद के नेतृत्व में प्रशासनिक अधिकारियों की एक टीम ने मामले की जांच की, जिसमें कई छात्रों, अभिभावकों, प्रिंसिपल और शिक्षकों से बात की गई। जांच के बाद एसडीओ ने अपनी रिपोर्ट पश्चिमी सिंहभूम के डीसी अरवा राजकमल को सौंप दी, जिन्होंने बताया कि 'प्रिंसिपल ने जांच कमेटी के सामने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है।'
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पुलिस ने प्रिंसिपल के खिलाफ बाल संरक्षण कानून के तहत मामला दर्ज कर लिया है।उधर, प्रिंसिपल ने ये तो माना कि उनसे गलती हो गई, लेकिन यह भी कहा कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि बच्चों के हाथ ऐसे जल जाएंगे।

प्रिंसिपल ने बीबीसी हिंदी से कहा, "हाल के दिनों में स्कूल में चोरी की कई घटनाएं हो रही थीं जिसके बाद मैंने बच्चों को समझाने के लिए मोमबत्ती पर हाथ रखने को कहा, मुझे उम्मीद थी कि चोरी करने वाला बच्चा हाथ जलने के डर से अपनी गलती मान लेगा, लेकिन किसी बच्चे ने ऐसा नहीं किया। मुझे पता नहीं था कि बच्चों की हथेली इस तरह जल जाएगी।"

इस बीच चर्च के फादर ने भी इस घटना की निंदा की है। उन्होंने बताया कि इस मामले में चर्च भी अपनी कार्रवाई करेगा।
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