दो महीने बाद आखिरकार उस झूठ से पर्दा उठ गया, जिसकी वजह से सांप्रदायिक तनाव फैलाने की खूब कोशिश की गई। फिल्म एक्जिक्युटिव बरुन कश्यप ने दो महीने पहले (अगस्त में) सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की शिकायत दर्ज कराई थी। बरुन ने पुलिस को बताया था कि वह जिस ऑटो से दफ्तर के लिए जा रहे थे, उस ऑटो वाले ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर उन पर गाय के चमड़े का बैग रखने का आरोप लगाकर उसे छीन लिया था। बरुण ने इस बात का जिक्र अपनी फेसबुक पोस्ट में भी किया था। लेकिन अब मुंबई पुलिस की पड़ताल के बाद चौकाने वाला सच सामने आया है। मुंबई मिरर की खबर के मुताबिक बरुन पुलिस के सामने कबूल किया कि वह हिंदुओं से नफरत करते हैं, इसीलिए सांप्रदायिक तनाव फैलाने का सारा ताना बाना बुना था।
पुलिस की मानें तो बरुन इस जानबूझकर गौरक्षकों की हिंसा का शिकार होने का नाटक न सिर्फ मुंबई में सांप्रदायिक सदभाव बिगाड़ने के लिए किया बल्कि पूरे देश में इसकी आग भड़काने की कोशिश की।
पुलिस की मानें तो बरुन की शिकायत के बाद जांच पड़ताल में पता चला कि शिकायत निराधार थी। पुलिस ने उस इलाके के सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले, जिनमें ऐसा कुछ नहीं पाया गया जो यह साबित करता हो कि बरुन के साथ लूटपाट को अंजाम दिया गया हो। वहीं पुलिस को यह भी पता चला कि बरुन ने घर से दफ्तर जाने का जो समय बताया था, वह गलत था। आखिरकार पुलिस ने सख्ती से जब बरुन से पूछताछ की तो उसने सच कबूल लिया।