उत्तर प्रदेश के बरेली के जिला अस्पताल में चाय-पानी के लिए पैसे मांगने की दस्तूर तो पुराना है, लेकिन अब शव देने के बदले भी पैसे मांगे जाने लगे हैं। जिला अस्पताल की मुर्दाघर में रखा शव लेने के लिए जब परिवार वाले पहुंचे तो वहां तैनात कर्मचारी ने एक हजार रुपये मांगे। इसे लेकर परिवार वालों ने हंगामा खड़ा कर दिया। बाद में कर्मचारी को पकड़कर कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया।
बिथरीचैनपुर के तैयदपुर गांव निवासी मुकेश को किडनी में तकलीफ होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उस वक्त परिवार के लोग मौजूद नहीं थे, इसलिए शव मुर्दाघर में रखवा दिया गया। बुधवार दोपहर मुकेश के भाई तेजराम परिवार के लोगों के साथ शव लेने जिला अस्पताल पहुंचे। तेजराम का आरोप है कि मुर्दाघर पर मौजूद राशिद ने खुद को जिला अस्पताल का कर्मचारी बताकर एक हजार रुपये मांगे। उन्होंने मना किया तो उसने शव देेने से इंकार कर दिया। इस पर घरवालों ने हंगामा करते हुए सीएमएस डॉ. केएस गप्ता से शिकायत कर दी। इसके बाद घरवालों ने राशिद को पकड़कर कोतवाली पुलिस के हवाले क दिया।
तीन शवों के बदले वसूले 19 सौ रुपये
पुलिस द्वारा मामले की छानबीन की गई। जब राशिद नाम के कर्मचारी से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह तो सिर्फ एक मोहरा है। बुधवार को तीन शवों के बदले 19 सौ रुपये की वसूली की गई थी। राजेंद्र नाम का एक अन्य कर्मचारी पूरा रुपया लेता है, उसे तो सिर्फ 50-100 रुपये ही मिलते हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।