हैदराबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को आईएएस अफसर के. शिव कुमार नायडू को 30 दिनों की सजा सुनाई है। नायडू पहले महबूबनगर जिले का जॉइंट कलेक्टर था। उसे कोर्ट के आदेश की अवमानना करने के तहत सजा सुनाई गई है। मामले पर ए.बी. बुचाइया नाम के पूर्व सरकारी कर्मचारी ने कोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने कहा कि कलेक्टर ने जानबूझकर कोर्ट के आदेश की अवहेलना की है। उसे पता था कि कोर्ट ने याचिकाकर्ता के पक्ष में अंतरिम आदेश दिया है बावजूद इसके उसने उसे जेल भेज दिया।
न्यायाधीश ने याचिकाकर्ता को मुआवजा देने के लिए भी कहा है। मुआवजे के तौर पर जॉइंट कलेक्टर को 2 हजार और राज्य सरकार को 50 हजार रुपये देने को कहा गया है। साथ ही उनसे ये भी कहा है कि मुआवजे की रकम वह बाद में आईएएस अफसर से वसूलें। फिलहाल न्यायाधीश ने अफसर की सजा को तीन हफ्तों के लिए स्थगित कर दिया है ताकि वह इस आदेश के खिलाफ अपील कर सकें।
याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में जॉइंट कलेक्टर द्वारा पास किए गए ऑर्डर के खिलाफ याचिका दायर की थी। यह ऑर्डर उसकी जमीन पर निर्माण से संबंधित था।
जॉइंट कलेक्टर द्वारा पास ऑर्डर पर हाईकोर्ट ने अगस्त 2017 में रोक लगा दी थी। जिसके बाद याचिकाकर्ता ने सितंबर 2017 से अपनी जमीन पर निर्माण कार्य दोबारा शुरू कर दिया। जब उसने ये काम शुरू किया तो जॉइंट कलेक्टर ने महाब-उपनगर के सर्कल इंस्पेक्टर को आदेश दिया कि वह बुचाइया को 2 महीने, 29 दिनों के लिए जेल भेज दें। याचिकाकर्ता ने कहा कि अफसर को पता था कि उसके द्वारा पास ऑर्डर पर कोर्ट ने रोक लगा दी है फिर भी उसने उसे जेल भेजने का आदेश दे दिया।