गुजरात के मेहसाना जिले में पुलिस ने एक नाई को पीटने के आरोप में उच्च जाति के चार लोगों को गिरफ्तार किया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने नाई की पिटाई इसलिए की क्योंकि उसने दलितों के बाल काटने का काम किया था। जिले के सत्लसना तालुका में स्थित उमरेचा गांव में हुई इस घटना पर पीड़ित की मां जसिबेन भगवानदास ने सत्लसना पुलिस स्टेशन में मामले की शिकायत दर्ज करवाई है।
उनका कहना है कि उनका बेटा जिगर गांव में बाल काटने की दुकान चलाता है। इस दौरान उसने दलितों के भी बाल काटे हैं, इसी बात से नाराज कुछ उच्च जाति के लोगों ने रविवार की रात उस पर हमला कर दिया। उनका कहना है कि उनके बेटे की पिटाई गांव में ही रहने वाले गोविंद चौधरी, नानजी चौधरी, राजेश चौधरी और वसंत चौधरी ने की है।
मामले की जांच कर रहे सब इंस्पेक्टर रतिलाल मकवाना का कहना है कि पीड़ित की मां ने कथित तौर पर कहा कि उनके बेटे को करीब 10 दिनों पहले आरोपियों ने धमकी दी थी कि वह किसी भी दलित आदमी के बाल ना काटे। लेकिन जिगर ने उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि उच्च जाति के चारों व्यक्तियों पर आरोप है कि उन्होंने दुकान में दलितों का मनोरंजन करने के लिए जिगर पर हमला किया था।
मकवाना ने आगे कहा कि उन्होंने गांव जाकर बहुत से दलितों के बयान दर्ज किए हैं जिसमें उन्होंने कहा है कि उन्हें जिगर से संबंधित कभी किसी मुद्दे का सामना नहीं करना पड़ा। साथ ही गांव के दलितों को कभी किसी ने भी जिगर की दुकान में जाने को लेकर धमकी नहीं दी। मकवाना के मुताबिक उमरेचा गांव की जनसंख्या करीब 1800 है। जिसमें 40-50 दलित परिवार रहते हैं। उन्होंने बताया कि इस गांव में ना तो कोई जातिय टकराव है और ना ही इतिहास में किसी भी दलित से सामाजिक बहिष्कार जैसी कोई घटना हुई है।
गौरतलब है कि इसी महीने एक 13 साल के दलित लड़के की 5 उच्च जाति के लोगों ने इसलिए पिटाई कर दी थी क्योंकि उसने उच्च जाति का दिखने के लिए अलग प्रकार के कपड़े पहने थे। उसने पैरों में रजवाड़ी मोजरी और गले में सोने की मोटी चेन पहनी थी जिसे आमतौर पर उच्च जाति के व्यक्तियों द्वारा पहना जाता है।