बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी के बीच बच्चों और लोगों की मौत के मामले में गिरफ्तार पूर्व प्राचार्य डॉ. राजीव मिश्र, उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला को बुधवार को कानपुर से गोरखपुर लाया गया। इससे पहले ट्रांजिट रिमांड के दौरान पूर्व प्रिंसिपल डॉ. राजीव मिश्र कोर्ट में फफक कर रो पड़े लेकिन उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा मिश्र शांति से खड़ी रहीं।
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गोरखपुर पुलिस सूत्रों के मुताबिक पुलिस कस्टडी में पूर्व प्रिंसिपल और उनकी पत्नी बेचैन रहीं। मंगलवार को सुबह से लेकर रात तक दोनों ने भूख न लगने की बात कही लेकिन पुलिस ने बातचीत करके खाना खिलवाया। कानपुर की कोर्ट में जब पूर्व प्रिंसिपल को कटघरे में खड़ा किया गया तो वह रोने लगे। साथ ही हाथ जोड़कर कहा सब बर्बाद हो गया। सारी इज्जत चली गई। अब समाज को क्या मुंह दिखाएंगे।
दोनों को महिला थाने में रखकर पूछताछ की जा रही है। एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने भी पूछताछ की है। गुरुवार को पूर्व प्रिंसिपल और उनकी पत्नी को जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है। इसकी अनुमति भी कोर्ट से मांगी जाएगी। दोनों आरोपियों को बेल न मिले, इसकी कोशिश में पुलिस लगी है।
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गोरखपुर
- फोटो : self
कानपुर से गिरफ्तार गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल और उनकी पत्नी को बुधवार को कानपुर नगर के सीएमएम शाबिस्ता आकिल की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने मामले की सुनवाई की और ट्रांजिट रिमांड स्वीकार करते हुए दोनों आरोपियों को गोरखपुर पुलिस के हवाले कर दिया। ट्रांजिट रिमांड 24 घंटे का है।
इसका मतलब है कि दोनों आरोपियों को गुरुवार को शाम चार बजे से पहले जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश करना होगा। ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद ही कानपुर गए एसपी ट्रैफिक आदित्य वर्मा और सीओ गोरखनाथ चारु निगम ने दोनों आरोपियों को कब्जे में लिया, फिर सड़क मार्ग से होकर बुधवार की देरशाम गोरखपुर पहुंचे।
एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने बताया कि पूर्व प्रिंसिपल डॉ. राजीव मिश्र और उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला की गिरफ्तारी गत मंगलवार को कानपुर नगर से हुई थी। एसटीएफ और गोरखपुर पुलिस ने पहले पूछताछ की, फिर दोनों को कानपुर नगर के किदवई नगर थाने में दाखिल कराया गया।
मंगलवार को दोनों कानपुर ही रहे और बुधवार को अदालत से ट्रांजिट रिमांड लेकर गोरखपुर लाया गया। ऐसा कानूनी पेंचिदगी से बचने के लिए किया गया। अब आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। मेडिकल कॉलेज में हुई घटना के मुख्य अभियुक्त पूर्व प्रिंसिपल ही हैं। एक और मामले में उनकी पत्नी भी नामजद की गई हैं।
मेडिकल कॉलेज मामले में नामजद सात और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गोरखपुर पुलिस, एसटीएफ ने बुधवार को ताबड़तोड़ छापेमारी की। गोरखपुर में अलग-अलग ठिकानों पर छापे मारकर तलाशी ली गई लेकिन देरशाम तक किसी को पकड़ा नहीं जा सका।
पुलिस, एसटीएफ की कई टीमें कानपुर, लखनऊ, मेरठ, गाजियाबाद और नोएडा भी भेजी गई हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। इस मामले में डॉ. सतीश, डॉ. कफील, पुष्पा सेल्स के मालिक मनीष भंडारी, चीफ फार्मासिस्ट गजानन जायसवाल, कर्मचारी सुधीर, उदय और संजय नामजद हैं।
यदि गिरफ्तारी में सफलता नहीं मिली तो आरोपियों के घर, अस्पताल या फिर क्लीनिक की कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।