फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वेश्यावृति के दलदल से निकली पीड़िता बनना चाहती है IPS ऑफिसर, पढ़ें दर्दनाक दास्तां

Tue, 13 Dec 2016 12:22 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
- फोटो : Curley Street Media
विज्ञापन
देश में महिलाओं के खिलाफ हिंसा और उनकी आजादी के नारे जितने भी लगा लिए जाए, लेकिन असल में महिलाएं घर-परिवार, अंदर-बाहर- रेप, यौन शोषण और अपहरण की शिकार हैं। इसका उदाहरण मैसूर की साक्षी (बदला हुआ नाम) है, जिसकी उम्र से पहले ही शादी कर दी गई थी। साक्षी को जिस रिश्ते में जबरन बांधा गया था, उसमें पति की उम्र उससे कई ज्यादा थी।
विज्ञापन


आंध्र प्रदेश का रहने वाले पति और ससुराल वाले उसे रोज किसी-न-किसी तरीके प्रताड़ित करते थे। एक दिन ससुराल वालों को पता चला कि साक्षी प्रेग्नेंट है तो वे उसके ऊपर गर्भपात का दबाव बनाने लगे। क्रूरता की हदें यहां तक नहीं टूटी थी बल्कि यह तो शुरुआत थी।

हर रोज पांच से छह ग्राहक उसका यौन शोषण किया करते थे

- फोटो : Curley Street Media
इंडियन एक्स्प्रेस  की खबर के मुताबिक आयशा की कहानी का काला सच क्रूली स्ट्रीट मीडिया ने एक वीडियो के जरिए  दुनिया के सामने रखा है। इस वीडियो में बताया गया है कि साक्षी को उसके पति राजीव ने करीब दस हजार रुपये में बेचा था।

उसने कहा कि जैसे जानवरों के साथ व्यवहार किया जाता है वैसे ही मुझे मेरे पति ने बेचा था। डरी और सहमी रहने वाली साक्षी के एक और सच से किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाऐंगे। उसने बताया कि हर रोज पांच से छह ग्राहक उसका यौन शोषण किया करते थे।

क्रूरता के लिए साक्षी अपने परिवार को जिम्मेदार मानती है

- फोटो : Curley Street Media
जब वह शारीरिक संबंध बनाने से इनकार करती तो उसके हाथ-पैर बांध कर उसका रेप किया जाता था। इतना ही नहीं साक्षी ने बताया कि उसने कई बार भागकर इस दलदल से निकलने की कोशिश की, लेकिन वह नाकाम रही। अपने साथ हुई इस क्रूरता के लिए आयशा अपने परिवार को जिम्मेदार मानती है, और कई बार उम्मीद भी करती थी कि एक दिन वो आएंगे और उसे बचाएंगे।

 इस बीच ग्राहकों का आना-जाना चलता रहा। एक दिन एक ग्राहक ऐसा आया जिसने साक्षी की मदद की वहां से निकलने के बाद शख्स ने पुलिस को खबर दी और साक्षी को बचाया।
विज्ञापन

डिप्रेशन का शिकार होने की बजाय मिसाल कायम कर रही है

- फोटो : Curley Street Media
उस खौफनाक मंजर का सामना कर चुकी साक्षी डिप्रेशन का शिकार होने की बजाय मिसाल कायम कर रही है। वो अपनी आत्मरक्षा के लिए बॉक्सिंग सीख रही है। साक्षी का बड़ा सपना है कि वो एक आईपीएस ऑफिसर बने ताकि एक दिन लोग उसे इज्जत दे।

बॉक्सिंग सीख रही साक्षी का कहना है कि वो उस डरावने पलों को इसके जरिए भूल पाती है, साथ ही बॉक्सिंग उसे हिम्मत और अच्छा महसूस भी करवाती है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें