पत्रकार गौरी लंकेश हत्याकांड में अब एक बड़ा खुलासा हुआ है। मंगलवार को कर्नाटक सरकार के मुताबिक गौरी लंकेश के हत्यारों की पहचान हो चुकी है, लेकिन उनके खिलाफ सबूतों के अभाव के चलते पहचान उजागर नहीं की जा रही है।
कर्नाटक सरकार के गृह मंत्री रामालिंगा रेड्डी ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए बताया कि, 'इस हत्याकांड के पीछे कौन है हमें पता चल चुका है, लेकिन उनके खिलाफ सबूतों का अभाव है। जब तक पर्याप्त सबूत नहीं मिल जाते तब तक हत्यारों की पहचान सार्वजनिक नहीं की जाएगी।'
गौरी लंकेश
कन्नड़ की साप्ताहिक पत्रिका की संपादक गौरी लंकेश की 5 सितंबर को उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। नक्सलियों के अधिकारों के लिए लिखने वाली गौरी लंकेश की मौत की जांच के लिए कर्नाटक सरकार ने स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का गठन किया है।
राज्य सरकार ने लंकेश के हत्यारों का पता लगाने वालों को 10 लाख का इनाम देने की घोषणा की है। बीजेपी ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की है। बीजेपी का कहना है कि कर्नाटक की राज्य सरकार इस मामले की उचित जांच नहीं करवा पाएगी।
SIT constituted in Gauri Lankesh murder has some info & clues, can't reveal all those things at this juncture: Karnataka HM Ramalinga Reddy pic.twitter.com/1TzbYiCXO3
— ANI (@ANI) October 3, 2017
पूरी योजना से की थी हत्या
गौरी लंकेश
सीसीटीवी फुटेज में सामने आया है कि हत्यारों ने हत्या वाले दिन लंकेश के घर की दो बार रेकी की थी। सूत्रों का कहना है कि सफेद शर्ट और ब्लैक हेलमेट पहने एक व्यक्ति ने दोपहर 3 बजे और फिर शाम 7 बजे घर की रेकी की थी।
राजराजेश्वरी नगर में गौरी के पड़ोसी और स्थानीय निवासी ने एसआईटी से जांच में बताया था कि गौरी को गोली मारने वालों ने हेल्मेट पहन रखा था। पूछताछ के दौरान प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि गोली की आवाज सुन कर जब वो घर के बाहर आया तो उसने दो लोगों को लाल बजाज प्लसर से भागते देखा था। दोनों ने गहरे रंग के हेल्मेट पहने थे।