कर्बला की ओर जा रहे तीन ताजियों को नई परंपरा बताते हुए गांव बढ़ेपुरा में दूसरे समुदाय के लोगों ने रास्ता रोक दिया। विवाद के बीच अचानक पथराव शुरू हो गया और लोग लाठी-डंडे लेकर आमने-सामने आ गए। घटना बरेली की है।
करीब आधे घंटे तक पथराव में पुलिस वालों सहित दोनों समुदायों के करीब 40 लोगों के घायल हुए हैं। तीन खोखों में भी आग लगा दी गई। तनाव की स्थिति देखते हुए पीएसी तैनात कर दी गई है। गांव उदरनपुर के ताजिया बढ़ेपुरा गांव से होकर हरहरपुर कर्बला तक जाते हैं।
सोमवार शाम करीब पांच बजे गांव उदरनपुर के ताजियादार दौलतशाह ताजिया और बैंड लेकर बढ़ेपुरा गांव पहुंचे थे। दूसरे समुदाय के लोगों ने बैंड का नई परंपरा बताया और ताजिया रोक दिया था।
पुलिस के हस्तक्षेप से मामला सुलझ गया और शांति भी हो गई। मगर इसके बाद जब तजिया राम कुंवर के घर के पास पहुंचा तो वहां मौजूद दूसरे समुदाय के लोगों ने एक साथ तीन ताजिया निकालने पर आपत्ति करते हुए रास्ता रोक दिया।
घटना स्थल
- फोटो : अमर उजाला
ताजियेदारों के मुताबिक एक ताजिया और दो जियारत थी, जिन्हें वही दफना देना था। दोनों समुदाय के लोगों की सहमति नहीं बनी। अचानक भीड़ में खुराफातियों ने पत्थर चला दिए, जिसके बाद माहौल बेकाबू हो गया। लाठियां लिये लोग हमलावर हो गए, मारपीट के बीच भगदड़ में कई लोग पैरों के नीचे आकर चोटिल हो गए।
ढाई घंटे अराजकता की स्थिति बनी रही, जिस दौरान पुलिस बल कम होने से नियंत्रण के लिए कुछ नहीं किया जा सका। बवाल बढ़ता देखकर पुलिसकर्मी भागकर छिप गए थे। बवाल शांत होने के बाद एसपी देहात ख्याति, एसडीएम नवाबगंज सहित कई थानों का पुलिसबल मौके पर पहुंचा।
एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने कहा कि खुराफातियों को चिह्नित किया जा रहा है। माहौल खराब करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बवाल के पीछे जिन लोगों का हाथ है उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।