उडूपी से भाजपा के पूर्व विधायक की पत्नी को भगाकर दिल्ली में दंपति की तरह रह रहे शख्स पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, आरोपी पर लगे व्यभिचार और खुदकुशी के लिए मजबूर करने के आरोपों की और जांच नहीं होगी। हालांकि उस शख्स पर धोखाधड़ी का मामला चलता रहेगा, क्योंकि वह विधायक की पत्नी को अपनी पत्नी बताकर दिल्ली में रह रहा था।
अतुल राव पर पूर्व विधायक रघुपति भट्ट की 32 वर्षीय पत्नी पद्मप्रिया को उसके घर से 11 जून, 2008 को बहला-फुसलाकर पर भगाने का आरोप है। विधायक की मां की शिकायत पर पुलिस द्वारा छानबीन करने पर पता चला कि अतुल और पद्मप्रिया दिल्ली स्थित द्वारका के फ्लैट में रह रहे हैं, लेकिन जब तब विधायक का परिवार द्वारका के फ्लैट पहुंचता पद्मप्रिया ने फंदे से लटककर खुदकुशी कर ली थी।
अतुल राव की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक हाईकोर्ट के 16 सितंबर, 2014 के उस आदेश को दरकिनार कर दिया जिसमें उसके खिलाफ व्यभिचार, खुदकुशी के लिए उकसाने और बहला-फुसला कर एक शादीशुदा महिला को भगाने के आरोपों की जांच करने का आदेश दिया गया था।
न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति एएम खानविलकर की पीठ ने हाईकोर्ट के आदेश को त्रूटिपूर्ण बताते हुए ट्रायल कोर्ट के आदेश को पुन: बहाल कर दिया है। पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा ट्रायल कोर्ट के इस आदेश में दखल देना गलत था।
ट्रायल कोर्ट ने अतुल राव के खिलाफ व्यभिचार, खुदकुशी के लिए उकसाने और बहला-फुसला कर शादीशुदा महिला को भगाने के आरोपों की जांच कराने से इनकार कर दिया था। हालांकि ट्रायल कोर्ट ने कहा कि अगर ट्रायल के दौरान नए साक्ष्य सामने आते हैं तो संबंधित धाराएं लगाई जा सकती हैं।
ट्रायल कोर्ट ने आदेश देने से पहले यह गौर किया कि पुलिस द्वारा इस मामले में दायर दो चार्जशीट और 76 गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं, लेकिन राव के खिलाफ व्यभिचार, खुदकुशी के लिए उकसाने आदि को लेकर कोई साक्ष्य सामने नहीं आया।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट ने इस बात को भी नजरअंदाज कर दिया कि पूर्व विधायक के परिवारवालों की शिकायतों की हर कोणों से जांच करने के बाद पुलिस ने दो चार्जशीट दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के निर्णय को बहाल करने का आदेश देने के साथ-साथ इस मामले को जल्द से जल्द निपटाने के लिए कहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामला वर्ष 2008 से लंबित है लिहाजा बेहतर होगा कि छह महीने के भीतर मामले का निपटारा हो जाए।