इंजीनियरिंग कॉलेज के पीछे एक चौकीदार का शव बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्रूरता से हत्या किए जाने का खुलासा हुआ है। मामले में कॉलेज मालिक सहित 6 लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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मामला उत्तर प्रदेश के पीलीभीत का है, राजश्री इंजीनियरिंग कॉलेज के पीछे वाली बाउंड्रीवॉल के पास 55 वर्षीय चौकीदार जाकिर अली शाह की लाश बरामद हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि जाकिर की मौत दिल फटने से हुई है। उनकी तीन-चार पसलियां भी टूटी पाई गई हैं।
अनुमान है कि जाकिर की मौत ऊंचाई से गिरने या फिर सीने पर कोई भारी-भरकम चीज रखने से हुई है। परिवार वालों की तहरीर पर पुलिस ने कॉलेज मालिक सहित छह लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है।
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गांव लभेड़ा में रहने वाले जाकिर अली हाफिजगंज में राजश्री इंजीनियरिंग कॉलेज में चौकीदारी करते थे। परिवार के लोगों के मुताबिक गुरुवार की शाम पांच बजे कॉलेज के कर्मचारी राकेश शर्मा और दो गार्ड उनके घर पहुंचे थे और जाकिर से दीपावली की रात को ड्यूटी करने के लिए कॉलेज चलने को कहा था लेकिन उन्होंने ड्यूटी पर जाने से इन्कार कर दिया।
इस पर राकेश ने उनसे कहा कि वह कॉलेज चलकर कॉलेज मालिक से ही इस बारे में बात कर लें। इस पर जाकिर उनके साथ कॉलेज चला गया। देर रात तक वह नहीं लौटे तो परिवार वालों को लगा कि वह रात में ड्यूटी के लिए रुक गए होंगे, लेकिन सुबह जाकिर की मौत की खबर घर पहुंची।
दीवार से फेंकने के चिह्न नहीं मिले
प्रतीकात्मक तस्वीर
चौकीदार की लाश मिलने की सूचना पर सीओ विजय प्रताप सिंह, थानाध्यक्ष रवि कुमार फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। परिवार के लोगों से पुलिस ने लंबी पूछताछ की। जाकिर के भाई शाकिर की तरफ से राजश्री कॉलेज के मालिक राजेंद्र अग्रवाल, राकेश अग्रवाल, साकेत अग्रवाल, राकेश शर्मा सहित दो गार्डों के खिलाफ हत्या की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। हालांकि कॉलेज के रजिस्टर के मुताबिक जाकिर ने 4.30 बजे कॉलेज में एंट्री की और 5.30 बजे बाहर निकल गए थे।
परिजनों के मुताबिक राजश्री कॉलेज जब बना था तो उसके मालिकों ने जाकिर अली से जमीन भी खरीदी थी। इसी की एवज में उन्हें चौकीदार की नौकरी पर रखा गया था। वह अपनी पत्नी के साथ गांव में रहते थे, उनकी कोई संतान नहीं थी।
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परिवार के मुताबिक हत्या करने के बाद लाश को बाउंड्रीवॉल से बाहर फेंका गया। हालांकि 12 फीट ऊंची बाउंड्री वाल पर सरिया लगी है और वहां से जाकिर को फेंकने के चिह्न नहीं मिले। इतनी ऊंचाई से लाश फेंकने पर बाहरी चोट भी आनी चाहिए थी। जाकिर के पैर से ही हल्का खून का रिसाव होता मिला था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस हादसा और हत्या दोनों एंगल से जाकिर की मौत की तफ्तीश कर रही है। एक थ्योरी यह है कि गिरने से जाकिर के सीने पर चोट आई हो, जिससे पसलियां टूटीं और दिल फट गया। लेकिन घटनास्थल पर करीब 20 मीटर के दायरे में बिखरा हुआ सामान संदेह पैदा कर रहा है।
लाश से करीब नौ मीटर की दूरी पर जाकिर की चप्पल पड़ी मिली। उससे करीब 10 मीटर की दूरी पर हंसिया पड़ी थी और करीब 15 मीटर की दूरी पर डंडा पड़ा मिला। सवाल है कि अगर यह महज हादसा है तो सामान कैसे बिखरा हुआ था।
परिवार ने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को शव उठाने से रोक दिया। हत्या की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद ही शव को उठाने दिया गया।
इस मामले में कॉलेज के रजिस्ट्रार दुष्यंत माहेश्वरी का कहना है कि, जाकिर अली शाह हमारे यहां चौकीदारी नहीं करते थे। ऐसा सुनने में आया है कि उनके नाम कुछ जमीन है, हो सकता है कि इसी को लेकर हत्या हुई हो। कॉलेज प्रशासन का हत्या से कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पूरी बात स्पष्ट हो जाएगी।
एसपी देहात ख्याति गर्ग ने बताया कि, जाकिर के परिवार की तहरीर के मुताबिक हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। तफ्तीश में पूरा मामला सामने आ जाएगा।