उड़ीसा में एक किसान को समय पर कर्ज न चुकाने की कीमत अपनी मौत से चुकानी पड़ी है। डेली मेल की खबर के मुताबिक किसान को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया और बाद में उसकी लाश के टुकड़े कर दिए गए। घटना उड़ीसा के संभलपुर की है, जहां परिवार का पेट पालने के लिए किसान रोहित दास ने इलाके के साहूकार विरुपक्शया पांडा से 1.25 लाख रुपये उधार लिए थे।
दरअसल, रोहित ने बीज और खेती के उपकरणों के लिए पैसे उधार लिए। पांडा ने ये पैसे चुकाने के लिए उसे दिसंबर तक का वक्त दिया इसलिए उसने खेती की और पैसे इकट्ठे करने लगा।
इस बीच खराब मौसम की वजह से रोहित की फसल खराब हो गई। फसल खराब और नोटबंदी की मार के कारण रोहित पूरी तरह टूट गया। उसने पांडा से पैसे चुकाने के लिए वक्त मांगा, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं था। साहूकार की ओर से रोहित पर लगातार दबाव बनाए जाने लगा।
परिवार वालों को मिले लाश के टुकड़े
रोहित ने किसी तरह कुछ हजार रुपये जमा किए और देने के लिए साहूकार के पास चला गया। वहां कुछ ऐसा हुआ कि साहूकार के आदमी रोहित का पीछा करने लगे। उन्होंने रोहित को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा और बाद में उसकी लाश के टुकड़े कर दिए। जब परिजन रोहित को ढूंढते हुए मौके पर पहुंचे तो उन्हें उसकी लाश के टुकड़े मिले। सूत्रों के अनुसार किसान की लाचार पत्नी ने उसकी लाश के टुकड़ों को अपनी साड़ी में इकट्ठा किया।
मामले की खबर लगने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन गरीब होने की वजह से कोई कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि, घटना सुर्खियों में आ जाने के बाद पुलिस को कदम उठाना पड़ा और एक आरोपी गिरफ्तार भी किया गया। लेकिन, मुख्य आरोपी पांडा अभी भी फरार है।