अंदावा स्थित अपने घर से बुधवार रात दोस्त की बर्थडे पार्टी में जाने की बात कहकर निकले बीटेक छात्र नीतेश सिंह का शव सुबह रेलवे ट्रैक पर मिला। उसके सिर और शरीर पर कई चोटें थी। परिजनों ने कहा कि उसकी हत्या कर लाश पटरी पर फेंकी गई है, जबकि पुलिस आत्महत्या के एंगल पर छानबीन कर रही है।
बिहार के गोपालगंज निवासी जयनारायण सिंह डेढ़ दशक से झूंसी के अंदावा गांव में रह रहे हैं। वह ठेकेदारी करते हैं। जयनारायण के दो बेटे तथा दो बेटियां हैं। बड़ा पुत्र रंजन एमटेक करने के बाद मध्य प्रदेश के इंदौर में नौकरी कर रहा है। दूसरा बेटा 22 वर्षीय नीतेश सिंह सोरांव स्थित एलडीसी कॉलेज में बीटेक द्वितीय वर्ष का छात्र था। बेटियों में बड़ी पूजा यूनाईटेड कॉलेज से बीटेक कर रही है जबकि छोटी बेटी कविता हाईस्कूल की छात्रा है।
बृहस्पतिवार शाम नीतेश एक दोस्त की बर्थडे पार्टी में जाने की बात कहकर घर से निकला। वह रात सवा नौ बजे तक नहीं लौटा तो मां उर्मिला ने उसे फोन किया। नीतेश ने फोन पर कहा कि कुछ देर में घर पहुंच रहा है। मगर जब वह दस बजे के बाद भी घर नहीं पहुंचा तो परिजन परेशान हो उठे। उसके मोबाइल पर कॉल किया तो नंबर बंद मिला। परिवार के लोग रात भर नीतेश की तलाश में भटकते रहे।
बृहस्पतिवार सुबह लगभग छह बजे घर से आधा किलोमीटर दूर रेलवे ट्रैक पर किसी युवक का शव पड़े होने की खबर मिली तो परिजन वहां पहुंच गए। शव नीतेश का ही था। परिवार के लोग रोने-कलपने लगे। उसके सिर के पीछे और चेहरे के बायीं तरफ चोट के गहरे निशान थे। एक पैर और हाथ भी टूटा था। आशंका जताई गई कि नीतेश की हत्या के बाद शव को रेलवे ट्रैक पर फेंका गया था। घटना का पता चलते ही झूंसी इंस्पेक्टर सुरेंद्रनाथ फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। निरीक्षण के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इंसपेक्टर सुरेंद्रनाथ ने बताया कि ऐसी आशंका है कि युवक ने खुद चलती ट्रेन के सामने आकर जान दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी साफ नहीं हो सका कि यह कत्ल है या खुदकुशी। पोस्टमार्टम में मौत का कारण सिर पर गहरी चोट बताया गया।