गैरकानूनी तरीके से 40,000 आधार कार्डधारकों का चुराने वाले मास्टरमाइंड को बेंगलुरु पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वह आसानी से डाटा चुरा लेता था। बताया जा रहा है कि यह छात्र आईआईटी कानपुर से एमएससी में ग्रेजुएट है और बेंगलुरु का ओला कैब कंपनी में सॉफ्टवेयर डवलपमेंट इंजीनियर के तौर पर काम करता है। अंग्रेजी अखबार इंडिया टूडे की खबरों के अनुसार कानपुर का रहना वाला अभिनव श्रीवास्तव बेंगलुरु के यशवंतपुर इलाके में रहता था और यहां से सभी घटनाओं के अंजाम देता था।
बेंगलुरु पुलिस ने बताया कि अभिनव गैराकानूनी तरीके से यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया ( यूआईडीएआई ) का डाटा चुराता था। इस शातिर चोर के पास से लगभग 40,000 आधार कार्डधारकों के पता, मोबाइल फोन नंबर, ईमेल, उम्र और सेक्स की जैसी सभी सूचनाओं के विवरण थे। पुलिस के द्वारा मिली सूचना के अनुसार अभिनव आधार कार्ड डाटा एक ई-हॉस्पिटल एप्लिकेशन के द्वारा चुराता था।
पुलिस ने बताया कि उसने ई-केवाईसी मोबाइल वेरिफिकेशन एप्लिकेशन को बनाया था। उसी तरह की एप्लिकेशन प्ले स्टोर पर भी मौजूद है। इससे जो कोई भी इस एप्लिकेशन पर पहुंचकर क्लिक करता तो उस व्यक्ति के आधार का पुरा विवरण अभिनव के पास पहुंत जाता। वहीं पुलिस ने बताया कि आरोपी अभिनव अपने आपको ऑनलाइन प्रोफाइल एक हैकर बता रहा है। इस तरह की हैकिंग के लिए फिलहाल पुलिस आरोपी के डाटा चुराने की वजह जानने की कोशिश कर रही है। आधार अधिनियम के धारा 37 और 38 के तहत और सूचना प्रौद्योगिकी कानून के धारा 65 और 66 और भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी, 468 और 271 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।