पायल शादीशुदा है और उसका बेटा आठवीं कक्षा में पढ़ता है। पिता भेल से सीनियर पद से रिटायर हैं और मां भोपाल में लैब टेक्रीशियन थी। उसने बीटेक के लिए मौलाना आजाद कॉलेज ऑफ टेक्रोलॉजी, भोपाल में दाखिल लिया, मगर अंतिम वर्ष में पढ़ाई छोड़ दी थी। पायल ने वर्ष 2007 से लेकर 2012 तक कुछ मीडिया हाउस में नौकरी की थी। अमीर बनने के लिए उसने ठगी करना शुरू कर दिया था। उसने भोपाल के व्यवसायी से ऑयल केन्स खरीदी थीं और चैक दिया था। चैक बाउंस हो गया था। इस मामले में गिरफ्तार भी हुई थी और तीन महीने जेल में रही।
भोपाल के ही अजय अग्रवाल नामक व्यवसायी से सोने के 14 सिक्के खरीदने के नाम पर चार लाख 70 हजार रुपये की ठगी की थी। इस मामले में चैक बाउंस हो गया था। फरवरी, 2018 में भापोल के एक अन्य व्यवसायी धीरज जैन से 21 लाख रुपये की ठगी की थी। जैन से 21 लाख के मोबाइल खरीद लिए थे और लेकिन चैक बांउस हो गया था।