वहीं राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) कार्यकर्ता प्रमबाथु शामोज अपने ऑटो से घर की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान उसके वाहन को एक गैंग ने पीछा कर लिया और उस पर कई हमले किए। जिसके बाद कोझीकोड के अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इन दो घटनाओं के बाद माहे और कन्नूर और उसके आस पास के अन्य जिलों में चिंता का माहौल है। वहीं सीपीआई एम अपने कार्यकर्ता की हत्या के लिए
बीजेपी और आरएसएस पर आरोप लगा रही है।
सीपीआई (एम) कन्नूर के जिला सचिवालय ने हत्या की निंदा करते हुए कहा कि उनके कार्यकर्ता की हत्या के लिए
आरएसएस ने पहले से ही योजना बनाई थी और हत्या को अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकर्ता की हत्या इतनी बेरहमी से की गई है, जिसे देखकर लगता है कि हत्यारा चाकू रखने के लिए तैयार ही नहीं था। इस तरह का हमला बाबू पर बीते साल भी हो चुका है। उन्होंने कहा कि कुथुपरम्बा में आरएसएस के हथियार प्रशिक्षण शिविर को खत्म करने के बाद ये हत्या हुई है। इससे पहले कन्नूर पुलिस ने जिले के थिलांकेरी गांव से क्रूड बॉम्ब भी बरामद किए थे। उन्होंने कहा कि वह माहे और कन्नूर जिले में मंगलवार को हड़ताल करेंगे।