यूपी के लखीमपुर खीरी में जिला होमगार्ड कार्यालय के लिपिक रवींद्र कुमार गौतम ने मंगलवार को दफ्तर में अचानक जहर खा लिया। हालत बिगड़ती देख स्टाफ ने उन्हें तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
तबीयत में सुधार न होने पर वहां से लखनऊ रेफर कर दिया गया, लेकिन लखनऊ पहुंचने से पहले ही उन्होंने रास्ते में दम तोड़ दिया। रवींद्र की जेब में एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि जिला होमगार्ड कमांडेंट की प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर वह जहर खा रहे हैं।
लखीमपुर खीरी के मोहल्ला सरवती कॉलोनी निवासी रविंद्र कुमार गौतम (47) जिला होमगार्ड कमांडेंट कार्यालय में कनिष्ठ सहायक लिपिक के पद पर तैनात थे। मंगलवार दोपहर उन्होंने दफ्तर के अंदर ही जहर खा लिया। जब उन्हें उल्टियां होने लगीं और साथियों ने पूछा तो जहर खाने की बात बताई।
इस पर वहां खलबली मच गयी। सूचना पर होमगार्ड कमांडेंट डॉ. बृजेश कुमार मिश्रा भी मौके पर पहुंच गए। आननफानन में रवींद्र को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इधर जानकारी मिलने पर परिवार के लोग भी अस्पताल पहुंच गए। हालत में सुधार न होने पर डॉक्टर ने लखनऊ रेफर कर दिया। परिवार वाले उन्हें एंबुलेंस से लखनऊ ले जा रहे थे रास्ते में ही उन्होंने खीरी के ही ओयल के पास दम तोड़ दिया।
पढ़िए क्या बोले अफसर
मुझे जब जानकारी हुई कि लिपिक ने जहर खा लिया है तो मैं उसे लेकर अस्पताल आ गया। मैंने कभी किसी को प्रताड़ित नहीं किया है। मुझे नहीं मालूम लिपिक ने जहर क्यों खा लिया?
डॉ. बृजेश कुमार मिश्रा, कमांडेंट जिला होमगार्ड्स, लखीमपुर खीरी
होमगार्ड्स कमांडेंट ने मोबाइल पर कॉल कर यह बताया है कि लिपिक की मौत हो गई है। अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
दीपक शुक्ल, सदर कोतवाल