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जीपीएफ, पेंशन व बीमा दिलाने के लिए बाबू ने ले लिए सतर हजार रुपये

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लखीमपुर खीरी।
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मोहम्मदी सीएचसी में तैनात रहे एक बाबू ने रिटायर एएनएम व सुपरवाइजरों को पेंशन, जीपीएफ व बीमा का लाभ दिलाने के लिए उनसे सत्तर-सत्तर हजार रुपये ले लिए। एक साल बाद भी जब उन्हें पेंशन आदि का लाभ नहीं मिला तो सभी ने सीएमओ से मिलकर बाबू की शिकायत कर दी।
एएनएम लता व अन्नपूर्णा अग्निहोत्री 31 जुलाई 2016, सुधा देवी व ऊषा देवी 31 मई 2016, शकुंतला देवी 31 अगस्त 2016 एवं विद्यावती गौड़ 31 नवंबर को सीएचसी मोहम्मदी से रिटायर हुई थीं। इनका आरोप है कि सीएचसी पर उस समय तैनात बाबू संजय अवस्थी ने जीपीएफ, पेंशन व बीमा लाभ दिलाने के लिए उनसे सत्तर-सत्तर हजार रुपये की मांग की और न देने पर सीएचसी के ही चक्कर लगवाने की धमकी दी। इस दौरान आरोपी बाबू ने भी अपना तबादला करा लिया। उधर, एक साल तक सेवानिवृत्ति का लाभ न मिलने से आहत एएनएम और सुपरवाइजर ने मामले की शिकायत सीएमओ से की है।
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रिटायर होने के बाद जब बाबू के पास जीपीएफ, पेंशन आदि के लिए गए तो उन्होंने कहा पैसे दो तो तुम्हारा जल्दी काम हो जाएगा, अन्यथा सीएचसी के चक्कर लगाते रहना, लेकिन रुपये देने के बाद भी आज तक कोई पैसा नहीं मिला।
- ऊषा, एएनएम

बाबू ने जीपीएफ, बीमा निकलवाने के लिए पैसे मांगे थे, पूरा पैसा न मिलने पर दो माह की पेंशन रोक दी। इस पर जब बाबू से मिले तो उन्होंने कहा कि पूरा पैसा मिलने के बाद ही काम होगा, वरना ऐसे ही दौड़ती रहना।
- लता देवी- एएनएम

मोहम्म्दी से रिटायर एएनएम, सुपरवाइजर आई थीं और जीपीएफ, पेंशन व बीमा की धनराशि न मिलने की शिकायत की थी। कार्यालय से उनका काम भी पेंडिंग नहीं है, जल्द ही एएनएम व सुपरवाइजरों को लाभ मिल जाएगा, रही बात बाबू द्वार पैसे लिए जाने की तो लिखित शिकायत पर ही जांच करवाई जाएगी।
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- डॉ. जावेद अहमद, सीएमओ

एक साल तक कहां रहीं
एएनएम, सुपरवाइजरों का सारा प्रकरण भेज दिया गया है, पैसे लिए जाने की कोई बात ही नहीं। एक साल पुराना प्रकरण है। यदि पैसे दिए गए होते तो पांचों अभी तक कहां रहीं और किसी से शिकायत क्यों नहीं की।
- संजय अवस्थी, आरोपी बाबू
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