रचकोंडा पुलिस ने गुरुवार को एक तीन महीने की बच्ची का गला काटने के आरोप में 40 साल के कैब ड्राइवर और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के नाम केरुकोंडा राजशेखर और के श्रीलता हैं। उन्होंने पिछले महीने 31 जनवरी को चंद्र ग्रहण के समय तीन महीने की बच्ची की नरबलि दी थी। राजशेखर ने ऐसा बुरी आत्माओं के चंगुल से अपनी पत्नी को मुक्ति दिलाने के लिए किया था। राजशेखर ने अपने माता-पिता के साथ सिकंदराबाद के भोईगुडा क्षेत्र में सो रही बच्ची को कथित तौर पर किडनैप किया।
बच्ची का कटा हुआ सिर आरोपी के घर की छत से 1 फरवरी को बरामद किया गया था। राचकोंडा पुलिस कमिश्नर महेश भागवत ने कहा- राजशेखर एक अंधविश्वासी शख्स है। वह पिछले चार सालों से अपनी पत्नी के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित रहता था। फरवरी 2016 में जोड़ा वारंगल जिले के मेदराम में होने वाले आदिवासी महोत्सव सम्माका सरलम्मा पहुंचे। जहां उनकी मुलाकात कोया डोरा से हुई जिसने उन्हें एक बच्ची की नरबलि देने का सुझाव दिया ताकि श्रीलता के शरीर से बुरी आत्माओं को छुड़ाया जा सके।
राजशेखर ने अपनी कैब में बच्ची का अपहरण किया। सुबह 2 बजे नदी में जाकर उसका सिर काटकर धड़ और चाकू को नदी में बहा दिया। इसके बाद कटे हुए सिर को लेकर घर पहुंचा जहां जोड़े ने शुद्र पूजन किया। पूजा के बाद सिर को छत के दक्षिण पश्चिम कोने में रख दिया ताकि उसपर सूर्य और चंद्र की रौशनी पड़ सके। सुबह आरोपी अपने काम पर चला गया। जब सुबह उसकी सास छत पर पहुंची तो उन्होंने बच्ची के सिर को देखकर हल्ला मचाया। जिसके बाद पड़ोसी वहां पहुंचे और पुलिस को मामले की सूचना दी।