बंगलुरू में महिलाओं के साथ हुई बड़ी छेड़छाड़ के बाद सुरक्षा पर सरकार और पुलिस सवालों में घिरी हुई है। लेकिन राज्य के गृहमंत्री ने इस विवादित मामले पर जो बयान दिया है उससे और बवाल मच गया है। जी परमेश्वर ने युवाओं के रहन-सहन पर तीखी टिपण्णी की और कहा कि ऐसा तो होता रहता है।
पुलिस का रवैया भी इस गंभीर मुद्द पर कुछ ऐसा ही दिखा। पुलिस ने कहा कि ऐसे मौकों पर इस तरह की वारदातें होती रहती हैं और इनके खिलाफ कोई केस भी दर्ज नहीं होती।
बता दें कि बंगलुरु के ब्रिगेड रोड और एमजी रोड पर जब महिलाएं और लड़कियां अपने परिवार के साथ नए साल के जश्न के लिए बाहर आईं थी उसी दौरान कुछ हुड़दंगियों ने उनके साथ छेड़छाड़ की। चौंका देने वाली बात है कि इस दौरान मौके पर 1500 पुलिसकर्मी तैनात थे इसके बावजूद बदमाशों ने लड़कियों पर भद्दे कमेंट्स किए और उनके कपड़े भी फाड़ने की कोशिश की।
बदमाशों ने कपड़े फाड़ने की थी कोशिश
सूत्रों के अनुसार उन्होंने वहां नशे की हालत में मौजूद लड़की का फायदा उठाया और उसके कपड़े तक फाड़ दिए। हालांकि इस बीच महिलाओं की शिकायत पर कुछ पुलिसकर्मियों ने मनचलों को वहां से भगा दिया। लेकिन, नशे में डूबे बदमाश वापस आए और फिर वही हरकते करने लगे।
मामला मीडिया में छाया, लेकिन इसके बावजूद पुलिस से किसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की। एफआईआर न होने की आधिकारिक जानकारी खुद पुलिस ने दी। चौंका देने वाली बात है कि सबूत के तौर पर तस्वीर और लोगों की शिकायत के बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
पुलिस ने दर्ज नहीं की थी कोई शिकायत
डिप्टी कमिश्नर संदीप पाटिल के कार्यक्षेत्र में एमजी रोड और ब्रिगेड रोड आता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने छेड़छाड़ के लिए नहीं बल्कि वे अपने परिवारवालों से अलग हो गई हैं और उन्हें खोज नहीं पा रही, के लिए मदद मांगी थी।
महिलाओं के साथ शर्मसार करने वाली घटना का खुलासा एक महिला पुलिसकर्मी ने भी किया। उन्होंने बताया कि मनचलों ने एक महिला को नशे में देखकर फायदा उठाया और उसके कपड़े उतार दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं की बेबस हालत अपने आप में शर्मसार करने वाली है।