बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर प्रवीण सूद ने 31 दिसंबर की रात महिलाओं के साथ व्यापक पैमाने पर छेड़छाड़ के आरोप को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि मीडिया में जिसे व्यापक पैमाने पर यौन हमले के सबूत के रूप में दिखाया जा रहा है वह हुड़दंगियों पर पुलिस का लाठीचार्ज है।
सूद ने कहा कि सार्वजनिक अपील के बाद भी किसी ने यौन हमले, छेड़छाड़ या प्रताड़ना के खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं कराई।
पुलिस कमिश्नर ने कहा, ''हमने केवल अपील ही नहीं की बल्कि वहां लगे 70 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को भी देखा। हमने कोशिश की थी कि कोई भी सबूत मिले तो अपने स्तर से ही कार्रवाई शुरू कर देंगे।" उन्होंने कहा कि कुछ महिलाएं मीडिया से कहती दिखीं कि उन्हें लोगों ने गलत तरीके से छुआ। सूद ने कहा वह इन बयानों को शिकायत मानकर जाँच करने के लिए तैयार हैं।
दो युवक एक लड़की के साथ छेड़छाड़ कर रहे थे
इस बीच छेड़छाड़ को लेकर एक और सीसीटीवी फुटेज सामने आया था। इसमें साफ दिख रहा है कि मोटरसाइकल सवार दो युवक एक लड़की के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं। यौन हमले के बाद ये दोनों युवक लड़की को फेंककर मोटरसाइकल से फरार हो जाते हैं।
सूद ने कहा कि इस घटना में पुलिस गंभीरता से जाँच कर रही है और इसमें आपराधिक मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा,"एक नागरिक ने सीसीटीवी फुटेज मुहैया कराया था। उसके घर के सामने यह छेड़छाड़ हुई थी। हमने इसे गंभीरता से लिया। इस फुटेज से साफ पता चल रहा है कि यौन हमला हुआ है।"
अपने स्तर से ही कार्रवाई शुरू कर दी
उन्होंने कहा कि पुलिस ने रिकॉर्ड देखने के बाद लोकेशन का पता किया और बिना किसी के शिकायत दर्ज करने का इंतजार किए अपने स्तर से ही कार्रवाई शुरू कर दी। हालाँकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इस घटना का उसी रात बेंगलुरू की एक व्यस्त सड़क पर सामूहिक छेड़छाड़ के कथित आरोपों से कोई संबंध नहीं है।