देश में नस्लभेद का एक और मामला सामने आया है। नॉर्थ ईस्ट की लड़की को मकबरे में जाने से रोक दिया और कहा तुम भारतीय नहीं विदेशी लगती हो, सबूत दिखाओ...
मामला असम की रहने वाली छात्रा को विदेशी बताकर पहले तो मकबरे में जाने से रोका गया, बाद में भारतीय नागरिकता का सबूत भी मांगा। देश की एकता को शर्मसार करने वाली ये घटना आगरा में एतमादुद्दौला का मकबरा में असम की रहने वाली छात्रा मंजीता चानू के साथ घटी।
बीते शुक्रवार को मंजिता चानू अपने दोस्तों और छोटे भाई के साथ वहां घूमने गई थी। इसी दौरान राष्ट्रीय स्मारक के सुरक्षा गार्ड ने पहले तो मंजिता को भारतीय मानने से ही इनकार कर दिया, बाद में भारतीय होने के प्रमाण के रूप में आईडी कार्ड दिखाने तक की मांग कर डाली।
घटना का वीडियो बना फेसबुक पर किया अपलोड
मंजीता का कहना है कि उनके अपने देश में ही उनके साथ ऐसा बर्ताव होने से वह बहुत आहत हुए हैं इसलिए दोषियों के खिलाफ शिकायत की मांग करते हुए फेसबुक पोस्ट के माध्यम से अपना दर्द और गुस्सा दोनों जाहिर करने की कोशिश की। लड़की ने अपने फेसबुक पेज पर पूरी घटना का जिक्र करते हुए लिखा, "क्या यह मेरी भारत की भूमि है? मैं यहां सुरक्षित हूं या नहीं?"
फेसबुक पोस्ट में क्या लिखा ?
वीडियो अपलोड करते हुए अपने फेसबुक पोस्ट में मंजीता ने लिखा कि, "उन्होंने फिर से पूर्वोत्तर की लड़की को विदेशी बता दिया। मैं अपने छोटे भाई और दोस्तों के साथ आगरा घूमने गई थी। लेकिन वहां जो हुआ वो बेहद निराशाजनक था।
मुझसे नस्लभेदी कमेंट और विदेशी कहने वालों से मैंने हिंदी में बातें की। जब अपने ही देश में खुद को भारतीय साबित करना पड़े तो इसका मतलब साफ है कि हालात ठीक नहीं। उन लोगों ने मुझसे बेहद बद्तमीती भी की। वीडियो में सुरक्षा गार्ड मुझसे मेरा पहचान पत्र मांगता भी नजर आ रहा है।
मेरा बैग चेक करने की कोशिश की गई, लेकिन मैंने इनकार कर दिया, बिना महिला गार्ड के क्या कोई पुरुष गार्ड ऐसा कर सकता है। वहां मदद के लिए पुलिस भी नहीं थी। क्या यह मेरी भारत की भूमि है? मैं यहां सुरक्षित हूं या नहीं?"
यहां पढ़ें मंजीता का पूरा फेसबुक पोस्ट