मुंबई के मीरा रोड में एक फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा हुआ है। बताया जा रहा कि सेंटर ने करीब 500 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया है। इस आरोप में करीब 500 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो कॉल सेंटर में बतौर कर्मचारी जॉब किया करते थे। बताया जा रहा है कि इस स्कैम में ब्लैकमेलिंग के आधार पर अमेरिकी नागरिकों ने रोजाना करीब 1 करोड़ रुपये ठगे गए हैं।
पुलिस के मुताबिक इसमें अधिकतर महिलाएं शामिल हैं। खबरों के अनुसार ये अमेरिका के भोले-भाले लोगों को अपना निशाना बनाते थे और उन्हें लोन न चुकाने पर जेल भेजने की धमकी देते थे। पुलिस कमीश्नर परम बीर सिंह का कहना है कि यह शातिर लोग काफी बेहतर तकनीक का इस्तेमाल करते थे और इनके तार फर्जीवाड़ा में साथ देने वाले कुछ लोगों से जुड़े हुए हैं।
7 मंजिला बिल्डिंग में चल रहा था गोरखधंधा
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टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार लोगों को चूना लगाने का यह गोरखधंधा एक 7 मंजिला इमारत में चल रहा था और इसके सबसे ऊपर के फ्लोर में नए कर्मचारियों को ठगने की ट्रेनिंग दी जाती थी। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने छापेमारी में 851 हार्ड डिस्क, हाइएंड सर्वर व अन्य डिजिटल सामग्री समेत करीब 1 करोड़ के उपकरण बरामद किए हैं।
पुलिस ने बताया कि पूरा गैंग अमेरिका और आस्ट्रेलिया में रहने वाले लोगों की जानकारी इक्कठ्ठी कर उन्हें कॉल किया करते थे। ये अपने आप को यूएस इंट्रनल रेवन्यू सर्विस का अधिकारी बताते थे और टैक्स न भरने के आरोप में जेल जाने की धमकी देते थे।
मोटा हर्जाना भरने की रखते थे मांग
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इस बीच गलती मान चुके लोगों से यह 500 से 3000 डॉलर तक के हर्जाने की मांग करते थे। एक केस में इन आरोपियों ने एक अमरीकी से 60 हजार डॉलर का हर्जाना भरवाया था। बताते चलें कि इनके झांसे में आए लोगों को टैक्स सेटेलमेंट करवाने के लिए बड़ी कंपनियों के गिफ्ट वाउचर और कार्ड लेने पर मजबूर किया जाता था।
फिर उस कार्ड के 16 डिजिट का नंबर लेकर पैसे निकलवाए जाते थे। उसमें से 30 प्रतिशत हिस्सा रैकेट में शामिल अमरीका के लोग लेते और 70 प्रतिशत भारत में काम करनेवालों को मिलता था। बताया जा है कि इस पूरे गैंग के पीछे 9 मास्टरमाइंड्स का हाथ है।
पुलिस को जब इस बात की खबर लगी कि मीरा रोड़ के पास फर्जी कॉल सेंटर चल रहा है तो खुलासा हुआ कि इसके कई ठिकाने हैं। पुलिस ने छापेमारी के लिए 200 जवानों को शामिल किया और एक बड़े गैर-कानूनी धंधे का खुलासा किया।पुलिस ने आईपीसी की धाराएं 384, 419, 420, 72(1), 75, के तहत आरोपियों खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।