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...तो अब अपराधों में भी महिलाएं पुरुषों से आगे, देखें रिपोर्ट

Tue, 19 Apr 2016 04:18 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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पुरुषों से आगे निकल रही हैं महिला अपराधी - फोटो : demo
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महिलाएं पुरुषों से आगे निकल रही हैं, अमूमन ऐसी सुर्खियां सुनाई और दिखाई देती हैं, लेकिन मायानगरी में महिलाएं अपराधों में भी पुरुषों से आगे निकल रही हैं। ये हम नहीं नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के आकड़़े बयां कर रहे हैं। 
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मुंबई में साल 2013 में 3115 महिला अपराधियों की गिरफ्तारी हुई। साल 2014 में ये संख्या बढ़कर 3834 हो गई। यानी महिला अपराधियों में 23.1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। वहीं पुरुष अपराधियों की संख्या में 22.9 फीसदी की बढ़ोतरी रही। मसलन, बीते वर्षों में महिला अपराधियों की तादात में पुरुष अपराधियों के मुकाबले इजाफा हुआ है।

वहीं 2012 से 2014 के बीच कुल 9487 महिलाएं चोरी, पीछा करने, धोखाधड़ी, गंभीर चोट पहुंचाने, छेड़छाड़ और अपहरण आदी मामलों में गिरफ्तार की गईं। वहीं तकरीबन ऐसे ही अपराधों में 1 लाख 2 हजार 80 पुरुष अपराधियों की गिरफ्तारी हुई। अपराधों की प्रकृति में मामूली अंतर देखा गया। पुरुष अपराधियों में वे लोग भी शामिल है जिन पर गुर्डागर्दी, डकैती और हत्याओं को अंजाम देने के आरोप लगे।
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महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों से महिलाओं में बढ़ रही है बदला लेने के प्रवृत्ति?

महाराष्ट्र में महिला अपराधियों की तादात सबसे ज्यादा - फोटो : demo
जानकार भी मानते हैं कि महिलाओं और पुरुषों में अपराधों को अंजाम देने की प्रकृति में अंतर होता है। एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक न सिर्फ महिला अपराधियों की तादात में इजाफा हो रहा है बल्कि महिलाएं हिंसक अपराधों जैसे कि हत्या करने के लिए गिरफ्तार हो रही हैं। इसके अलावा, उत्पीड़न और अपहरण आदी अपराधों में भी महिला अपराधियों की तादात बढ़ रही है।

महिला अपराधियों की बढ़ती संख्या में महाराष्ट्र का नाम सबसे ऊपर है। यहां बीते तीन साल में 95 हजार 174 महिला अपराधियों की गिरफ्तारी हुई। इन वर्षों में आंध्र प्रदेश में महिला अपराधियों की संख्या 64 हजार 916 रही जबकि मध्यप्रदेश में ये आंकड़ा 56 हजार 492 रहा। 

कुछ जानकार ये तर्क देते हैं कि महिलाओं के प्रति अपराध बढ़े इसलिए इंतकाम स्वरूप महिलाएं भी अपराधों में लिप्त हो गईं। यही वजह है कि ज्यादातर महिला अपराधियों की गिरफ्तारी घरेलू हिंसा और आर्थिक अपराधों में हुई।

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