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मर्डर की ऐसी मिस्ट्री, 3 साल बीतने के बाद भी पुलिस के पास कोई सबूत नहीं

Wed, 11 Jan 2017 01:08 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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- फोटो : TOI
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अहमदाबाद में पुलिस इन दिनों एक ऐसी मर्डर मिस्ट्री में उल्झी हुई है जिसको करीब 3 साल बीत गए हैं, लेकिन अभी तक मामले में अब तक न आरोपी को पकड़ पाई है और न ही कोई अहम सबूत जुटा पाई है। दरअसल, गांधीनगर के रहने वाले डॉ विवेक भवे की पत्नी रश्मी भवे की हत्या उनके घर पर 2013 में की गई थी। 
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केस में पुलिस ने अबतक 100 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की लेकिन हालात वहीं के वहीं हैं। सबूत इक्टठे करने में नाकाम रहने के बाद अब पुलिस ने घोषणा करते हुए कहा कि जो केस से जुड़ा अहम सबूत देने में मदद करेगा उसे 15 हजार रुपये की ईनामी राशि दी जाएगी।

लोकल पुलिस से सीआईडी को सौंपा गया केस

अंग्रेजी वेबसाइट के मुताबिक जांच के लिए केस, सीआईडी और एसआईटी को सौंप दिया गया है। सीआईडी ने भी 100 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की लेकिन मौत की गुत्थी अभी तक उलझी हुई है। पुलिस को शक है कि रश्मी का कत्ल करने वाला कोई बाहर का नहीं है बल्कि किसी अपने ने ही उसका कत्ल किया है।

पुलिस के मुताबिक वारदात के दिन जो भी कत्ल करने आया उसे बिल्डिंग और घर में रश्मी और परिवार किस तरह रहते हैं इसकी पूरी जानकारी थी।
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​खून से लथपथ मिली थी रश्मी की लाश

कत्ल
रश्मी अपने पति और दो बच्चों के साथ राधे रेजिडेंसी में रहती थी। लेकिन 22 फरवरी 2013 को वो घर में अकेली थी। पति अपने क्लिनिक पर थे और बच्चे स्कूल गए हुए थे। डॉ भवे बच्चों को स्कूल से लेकर जब घर पहुंचे तो उन्होंने अपनी पत्नी की लाश खून से लथपथ पाया। जांच में जुटी पुलिस ने कहा कि उन्होंने रश्मी के पति और मध्य प्रदेश के दो लोगों से पूछताछ की है। 
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