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गुजरात में प्रवासियों पर बढ़े हमले, भागने पर मजबूर हुए यूपी-बिहार के लोग, 342 गिरफ्तार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद Updated Sun, 07 Oct 2018 08:39 AM IST
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साबरकांठा जिले में 14 माह की बच्ची से बलात्कार की घटना के बाद गैर-गुजरातियों पर कथित तौर पर हमला करने के मामलों में गुजरात के विभिन्न भागों से पुलिस ने अब तक 342 लोगों को गिरफ्तार किया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।

इस घटना के बाद राज्य के कई हिस्सों में गैर- गुजरातियों, खासतौर पर उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। गत 28 सितम्बर को एक बच्ची के साथ कथित रूप से बलात्कार करने के लिए बिहार के एक निवासी को गिरफ्तार किये जाने के बाद गैर-गुजरातियों को निशाना बनाया गया और सोशल मीडिया पर घृणा संदेश फैलाये गये।



पुलिस महानिदेशक शिवानंद झा ने पत्रकारों को बताया,‘‘मुख्य रूप से छह जिले (हिंसा से) प्रभावित हुए है। मेहसाणा और साबरकांठा सबसे अधिक प्रभावित हुए है। इन जिलों में, 42 मामलें दर्ज किये गये है और अब तक 342 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच के दौरान आरोपियों के नाम सामने आने के बाद और लोगों को गिरफ्तार किया जायेगा।’’ 

उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में राज्य रिजर्व पुलिस (सीआरपी) की 17 कंपनियों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा,‘‘गैर-गुजराती के निवास क्षेत्रों और उन कारखानों में जहां वे काम करते हैं, वहां सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस ने इन इलाकों में गश्त भी बढ़ा दी है।’’ 

डीजीपी ने बताया कि सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने के लिए दो मामलें दर्ज किये गये है। हमलों के बाद गैर-गुजरातियों के पलायन के बारे में पूछे गये एक सवाल के जवाब में झा ने कहा कि आने वाले त्योहारों के मद्देनजर वे अपने मूल राज्यों के लिए रवाना हो सकते है।

उन्होंने कहा कि सबसे अधिक प्रभावित जिले गांधीनगर में पुलिस अधिकारियों को शिविरों का आयोजन करने और स्थानीय नेताओं के साथ संवाद करने के निर्देश दिये गये है। उन्होंने कहा कि जिलों में अतिरिक्त सुरक्षा बल और वाहन उपलब्ध कराये गये है।
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इस बीच कांग्रेस विधायक अल्पेश ठाकोर ने घोषणा की कि इन हमलों के मद्देनजर उनके समर्थकों के खिलाफ दर्ज किये गये ‘‘झूठे मामलों’’ को यदि सरकार ने वापस नहीं लिया तो वह 11 अक्टूबर से ‘सद्भावना’ उपवास करेंगे।

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साबरकांठा जिले में 14 माह की बच्ची से बलात्कार की घटना के बाद गैर-गुजरातियों पर कथित तौर पर हमला करने के मामलों में गुजरात के विभिन्न भागों से पुलिस ने अब तक 342 लोगों को गिरफ्तार किया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।

इस घटना के बाद राज्य के कई हिस्सों में गैर- गुजरातियों, खासतौर पर उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। गत 28 सितम्बर को एक बच्ची के साथ कथित रूप से बलात्कार करने के लिए बिहार के एक निवासी को गिरफ्तार किये जाने के बाद गैर-गुजरातियों को निशाना बनाया गया और सोशल मीडिया पर घृणा संदेश फैलाये गये।

पुलिस महानिदेशक शिवानंद झा ने पत्रकारों को बताया,‘‘मुख्य रूप से छह जिले (हिंसा से) प्रभावित हुए है। मेहसाणा और साबरकांठा सबसे अधिक प्रभावित हुए है। इन जिलों में, 42 मामलें दर्ज किये गये है और अब तक 342 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच के दौरान आरोपियों के नाम सामने आने के बाद और लोगों को गिरफ्तार किया जायेगा।’’ 

उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में राज्य रिजर्व पुलिस (सीआरपी) की 17 कंपनियों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा,‘‘गैर-गुजराती के निवास क्षेत्रों और उन कारखानों में जहां वे काम करते हैं, वहां सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस ने इन इलाकों में गश्त भी बढ़ा दी है।’’ 

डीजीपी ने बताया कि सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने के लिए दो मामलें दर्ज किये गये है। हमलों के बाद गैर-गुजरातियों के पलायन के बारे में पूछे गये एक सवाल के जवाब में झा ने कहा कि आने वाले त्योहारों के मद्देनजर वे अपने मूल राज्यों के लिए रवाना हो सकते है।

उन्होंने कहा कि सबसे अधिक प्रभावित जिले गांधीनगर में पुलिस अधिकारियों को शिविरों का आयोजन करने और स्थानीय नेताओं के साथ संवाद करने के निर्देश दिये गये है। उन्होंने कहा कि जिलों में अतिरिक्त सुरक्षा बल और वाहन उपलब्ध कराये गये है।

इस बीच कांग्रेस विधायक अल्पेश ठाकोर ने घोषणा की कि इन हमलों के मद्देनजर उनके समर्थकों के खिलाफ दर्ज किये गये ‘‘झूठे मामलों’’ को यदि सरकार ने वापस नहीं लिया तो वह 11 अक्टूबर से ‘सद्भावना’ उपवास करेंगे।

भारी संख्या में लोग हो रहे रवाना

मध्यप्रदेश के भिंड से आए धर्मेंद्र ने सात साल तक सूरत में मजदूरी का काम किया। अब वह 2 सालों से अहमदाबाद में काम कर रहा है। उसका कहना है कि महज कुछ ही दिनों में 1500 लोग बिहार, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश जा चुके हैं। उन्हें किसी ने कहा है कि शनिवार की रात को 9 बजे से पहले गुजरात छोड़ दो नहीं तो जिंदा नहीं बचोगे।

शनिवार को भी 20 बसें इन राज्यों के लिए रवाना हुईं। जिनमें से प्रत्येक में करीब 80 लोग सवार थे। बस एजेंसी का काम करने वाले पिंटू सिंह का कहना है कि पहले इन तीनों राज्यों के लिए दो दिन में एक बस जाती थी जिसमें मुश्किल से 25 लोग सवार होते थे। लेकिन अब रोजाना 20 बसें रवाना हो रही हैं। प्रत्येक बस में 80-90 लोग सवार होते हैं।

22 साल से अहमदाबाद में रह रहे कृष्णचंद्र शर्मा का कहना है कि राज्य में हिंदू मुस्लिम दंगे भी हुए लेकिन कभी ऐसी स्थिति नहीं देखी कि गुजरात छोड़कर जाना पड़े। अब फेसबुक और व्हाट्सऐप के जरिए मैसेज फैलाया जा रहा है। इससे हालात गंभीर होते जा रहे हैं। एक अन्य प्रवासी महिला का कहना है कि उनके घर के बाहर लगे पानी पूरी के ठेलों को 50-60 लोगों ने आग के हवाले कर दिया। वह बोल रहे थे, 'सब भइया लोग निकल जाओ, नहीं तो मारपीट करेंगे।' साथ ही मकान मालिक ने भी घर खाली करने को बोल दिया।
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