करीब तीन माह पहले छात्रा ने इस बारे में अपनी मां को बताया तो उसके ताऊ ने थाना लमगड़ा में रिपोर्ट दर्ज कराई।
अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता गिरीश चंद्र फुलारा, सहायक शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) शेखर चंद्र नैलवाल और विशेष लोक अभियोजक भूपेंद्र कुमार जोशी ने मामले की पैरवी की। निर्भया प्रकोष्ठ की अधिवक्ता अभिलाषा तिवारी ने भी सहयोग किया।
सुनवाई के बाद जिला सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने शिक्षक मुकेश कुमार सहगल पुत्र कुबाड़ी बिंदुखंड थाना झबरैड़ा जिला हरिद्वार को धारा 376 (2), 354ए, और 5/6 पॉक्सो एक्ट और 67(ए) आईटी एक्ट में दोषी पाया, जबकि शिक्षिका दया शैलाकोटी पत्नी दीप चंद्र निवासी गोलनाकरड़िया तहसील अल्मोड़ा को धारा 323, 504 और 21 (ए) पॉक्सो एक्ट में दोषी पाया गया है।