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नेताओं के शोषण और अत्याचार से एमए की छात्रा बनी 'लेडी डॉन'

Tue, 03 May 2016 12:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद/कानपुर
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लेडी डॉन - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद/कानपुर
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उत्तर प्रदेश में कन्नौज की सीमा पर बसे एक गांव की रहने वाली एक लड़की कुछ नेताओं के रूतबे, शोषण और धोखे का शिकार होकर जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है। कानपुर के अस्पताल हैलट में उसकी हालत बहुत नाजुक है।
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पिता ने बताया कि उसकी नाक और मुह से खून बहना बंद नहीं हो रहा है। वह अब हिल-डुल भी नहीं पा रही है और कोई जवाब भी नहीं दे रही। उसकी इस दशा के पीछे परिजन एक बसपा नेता और उसके बेटे को दोषी बता रहे हैं।

लेकिन सवाल यह है कि छात्रा एमए की पढ़ाई छोड़ लेडी डॉन कैसे बन गई और कैसे नेताओं के चंगुल में फंसी? आगे पढ़ें पूरी दास्तां।

पुलिस की जीप से कूदकर भागने में हुई घायल

लेडी डॉन के नाम से कुख्यात यह लड़की अपने शोषण और अत्याचार की दास्तां सुनाने कानपुर में एक बड़े पुलिस अफसर के सामने पेश हुई थी। अफसर ने उसे न्याय का आश्वासन देकर रवाना किया।

परिजनों का कहना है कि घर लौटते वक्त पुलिस ने रास्ते से उसे फिर धर लिया और 30 अप्रैल को उसके पास से नशीला पदार्थ बरामद दिखा दिया। पुलिस का कहना है कि लड़की 30 अप्रैल को कन्नौज के सदरियापुर तिराहा से 500 ग्राम नशीले पदार्थ के साथ पकड़ी गई।

लिखापढ़ी में देरी होने के कारण उसे उसी रात 10 बजे कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट के आदेश पर उसे पुलिस जेल ले जा रही थी तभी वह पुलिस की जीप से कूद गई। 30 अप्रैल की रात ही उसे हैलट में भर्ती कराया गया था जहां अब उसकी हालत बेहद गंभीर है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने ये सब बसपा नेता के इशारे पर किया।

नेताओं के साथ अफसरों ने भी छात्रा का शोषण

लेडी डॉन की छोटी बहन - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद/कानपुर
इस लड़की की कहानी 2012 से शुरू होती है। उसके परिवार से गांव के एक परिवार की मारपीट हो गई थी। मामले में कुछ नेताओं ने पंचायत कराई और फिर वहीं से लड़की नेताओं के संपर्क में आ गई। फिर यहीं से शुरू हुआ उसके शोषण का सिलसिला। लड़की की मदद करने वाले हाथों ने ही शोषण किया।

लड़की की छोटी बहन का कहना है कि उस घटना के बाद एक बसपा नेता के पुत्र के छलावे में आकर उसके पांव बर्बादी की तरफ बढ़ने लगे। बहन ने एमए प्रथम वर्ष का फार्म उस वर्ष इसीलिए भरा कि वह पढ़ाई-लिखाई करके नौकरी करेगी लेकिन नेताओं ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। नतीजतन वह परीक्षा नहीं दे सकी।

शोषण करने वालों की संख्या बढ़ती गई। इसमें कई सफेदपोश और अफसरों तक के नाम बताए जा रहे हैं। बहन ने कोर्ट के आदेश पर नेता के बेटे के खिलाफ रेप का मुकदमा भी दर्ज कराया था जो बाद में खारिज हो गया। इसके बाद पुलिस ने उस पर गैंगस्टर लगा दिया। कई और मुकदमे भी दर्ज हुए।
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'बसपा नेता के बेटे ने किया बलात्कार'

अस्पताल में भर्ती लड़की के पिता - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद/कानपुर
लड़की के पिता ने बताया कि बसपा नेता के बेटे का उसके घर आना-जाना बढ़ गया था। 30 अप्रैल को घटना वाले दिन भी बसपा नेता का बेटा उसके घर आया और बेटी को यह कहकर साथ ले गया कि पिता ने बुलाया है।

आरोप है कि बाद में उसके साथ बलात्कार किया और थानाध्यक्ष कमालगंज को सौंप दिया। पिता का आरोप है कि बसपा नेता के पुत्र तथा पुलिस ने ही उसकी बेटी को बुरी तरह से पीटा। इससे उसकी हालत बिगड़ गई। उसकी बेटी को यदि कुछ हो गया तो वह बसपा नेता के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराएंगे।

सियासी गलियाओं में चर्चाओं का बाजार गर्म
इस कांड पर सियासी गलियारों से लेकर पुलिस महकमे तक चर्चाओं का बाजार गर्म है। कुछ सिपाही घटना के बाद से दहशतजदा नजर आ रहे हैं। आरोप है कि लड़की के शोषण में पुलिस वाले भी शामिल थे।

यही नहीं, काफी दिनों से सिपाहियों का संरक्षण होने के कारण उसे गिरफ्तार नहीं किया जा सका। विधानसभा चुनाव पास आने और लड़की मामले में बसपा नेता और बेटे का नाम उछलने के कारण सभी उससे निजात पाना चाहते थे। 

हर जगह छली गई
मां का कहना है कि उसकी बेटी जहां भी गई वहां छली गई। उसने कई बार खुद इस बारे में बताया। इस बार भी उसके साथ छल किया गया है। इस संबंध में वह रिपोर्ट दर्ज कराएगी। 

बोले जिम्मेदार
लड़की आपराधिक गतिविधियों में कई साल से लिप्त है। उसके गिरोह के सदस्य आगरा, फर्रुखाबाद और कानपुर में भी मौजूद हैं। 
सालिगराम वर्मा (थानाध्यक्ष कमालगंज)
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