युवक ने प्रेमिका की जिद पर खौफनाक प्लान तैयार किया। जब पूरे मामले का खुलासा हुआ तो सभी हैरान रह गए। पढ़िए पूरी खबर...
घटना उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले की है। बखिरा इलाके के समदा गांव के सिवान में तीन दिन पूर्व मिली बीए प्रथम वर्ष की छात्रा की अधजली लाश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह गला दबा कर हत्या बताई गई है।
शनिवार को छात्रा के पिता गंगाधर ने अपने पड़ोस के रहने वाले आरोपी युवक व उसके माता-पिता पर हत्या करके सबूत मिटाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है। इस मामले में आरोपी पिता-पुत्र को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।
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छात्रा के पिता गंगाधर का आरोप है कि वह दिल्ली में मजदूरी करता है। उसका 15 वर्षीय बेटा प्रांशु और 20 वर्षीय बेटी वंदना उर्फ (अर्चना) उसके बड़े भाई के पास ही गांव पर रहते थे। 14 नवंबर की रात कुछ लोगों ने अर्चना की हत्या कर शव को गांव के बाहर अरहर के खेत के बगल में रख दिया था।
गंगाधर के मुताबिक बड़े भाई अनिरुद्ध ने बताया कि घटना की रात में करीब 12 बजे बचाओ-बचाओ की आवाज बगल के घर से जोर-जोर से आ रही थी। उसने जाकर जानकारी किया तो पड़ोसी रामकिशोर ने अपने बेटे पंकज के चिल्लाने की झूठी बात बताई। अनिरुद्ध ने बताया कि बेटी अर्चना का पड़ोसी रामकिशोर के बेटे पंकज से संबंध था।
प्रतीकात्मक तस्वीर
वह उससे शादी का दबाव बना रही थी। इसी वजह से पंकज ने बेटी को अपने घर बुलाकर उसे परिजनों के सहयोग से जलाकर मारने के बाद उसके शव को खेत में ले जाकर रख दिया था। साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से छात्रा का कपड़ा भी आरोपियों ने छिपाया था।
थानाध्यक्ष ने बताया कि समदा गांव से कुछ ही दूरी पर स्थित एक नाले में छात्रा का कपड़ा छिपाकर रखा हुआ था। ग्रामीणों की मदद से छिपाकर रखे गए कपड़े को बरामद कर लिया गया है। पूछताछ में आरोपी ने छात्रा का कत्ल करने की बात स्वीकार कर ली है।
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पुलिस हिरासत में आरोपी पंकज ने बताया कि वह लुधियाना में रहकर मजदूरी करता है। दो साल पूर्व से वंदना उर्फ अर्चना से उसका चक्कर चल रहा था, लेकिन जनवरी में उसकी शादी अयंत्र तय होने के बाद से उसने अर्चना से बातचीत करना बंद कर दिया था।
वह फोन करती थी, लेकिन बात नहीं करता था। घटना वाले दिन पहले से ही केरोसिन अपने शरीर पर डालकर वह उसके घर आई थी। उसके घर आकर उसने बगैर कुछ कहे सुने उसने खुद को आग के हवाले कर लिया था। आग बुझाने में उसका दोनों हाथ व पैर भी झुलस गए थे।