देश में 41 फीसदी लड़कियां ऐसी हैं जो 19 साल की उम्र से पहले ही उत्पीड़न का शिकार हो जाती हैं। ये आकंड़ा एक सर्वे में सामने आया है जिसके मुताबिक 10 में 4 लड़कियां 19 साल की उम्र को पार करने के दौरान उत्पीड़न को सहन करती हैं। सर्वे में यह भी खुलासा हुआ है कि ज्यादातर लड़कियों को जीवन में जरूर उत्पीड़न का शिकार बनना पड़ता है।
दरअसल, ये सर्वे इंटरनेशनल वूमेन एंड चाइल्ड राइट्स एनजीओ ने करवाया है, जिसमें चार देशों को लिस्ट में रखा गया। सर्वे के मुताबिक 6 फीसदी भारतीय लड़कियां 10 की उम्र से पहले ही उत्पीड़न को झेल चुकी होती हैं। दूसरे देशों को देखा जाए तो थाईलैंड में 8 फीसदी, इंग्लैंड में 12 फीसदी और ब्राजील में 16 फीसदी लड़कियों को इसका सामना करना पड़ता है।
पिछले महीने में 73 फीसदी भारतीय लड़कियां हुई वॉयलेंस का शिकार
एक आकंड़ा ये भी सामने आया कि महिलाएं जबरन छूने की शिकार भी हुई हैं। यूगोव पोल से अपने सर्वे में बताया कि 26 फीसदी भारतीय लड़कियों को पिछले महीने में जबरन छुआ गया। इसमें यूके का आकंड़ा देखा जाए तो वहां 16 फीसदी महिलाएं इसका शिकार हुई।
वहीं एक रिसर्च में पाया गया कि पिछले महीने में 73 फीसदी लड़कियां और महिलाएं वॉयलेंस का सामना कर चुकी हैं। लेकिन बाकी देशों ने भारत को इसमें पीछे छोड़ दिया है, जिसमें 87 फीसदी ब्राजील और थाइलैंड 67 फीसदी का आकंड़ा शामिल है।
भारतीय महिलाएं बचने के लिए अपनाती हैं ये तरीके
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छेड़छाड़, जबरन छूना और पीछा करने जैसी हरकतों से बचने के लिए लड़कियां कई तरीके अपना रही हैं। इसके ऊपर भी रिसर्च किया गया और बताया गया कि 82 फीसदी भारतीय महिलाएं और लड़कियां इस तरह के उत्पीड़नों से बचने के लिए कई तरीके अपनाती हैं। सामने आया कि 35 फीसदी महिलाएं अकेले जाना पसंद नहीं करती, 36 फीसदी अपना रास्ता बदलती हैं और वहीं 23 फीसदी बचाव के लिए चाबी को हथियार की तरह इस्तेमाल करती हैं।