बिहार में शराबबंदी लागू होने के दौरान शराब पीने की पेशकश करते कैमरे में कैद हुए कांग्रेस विधायक की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। नरकटियागंज के विधायक विनय वर्मा को पार्टी ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इधर, मंगलवार को उनके आवास पर पुलिस ने छापेमारी की। पुलिस उन्हें पूछताछ के लिए थाना लेकर पहुंची, लेकिन यहां उनके समर्थकों ने हंगामा कर विधायक को छुड़ा लिया और अब फरार विधायक की तलाशी की जा रही है।
देर शाम विधायक के पटना स्थित पाटलिपुत्र आवास पर भी छापेमारी हुई, लेकिन वहां से न तो विधायक मिले और न ही कोई शराब की बोतलें ही बरामद हुई। वैसे इस मामले में विधायक के खिलाफ एक मामला दर्ज कर लिया गया है। दरअसल एक निजी चैनल पर प्रसारित स्टिंग में कांग्रेस विधायक विनय वर्मा शराब मुहैया कराने का दावा कर रहे हैं। कथित तौर पर यह स्टिंग ऑपरेशन पटना के होटल पाटलिपुत्र में किया गया है। हालांकि विधायक ने आरोपों का खंडन किया है। इस मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने मुख्यमंत्री से पूछा है कि क्या आरोपी विधायक को गिरफ्तार किया जाएगा।
पूरे मामले पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष व नीतीश सरकार में मंत्री अशोक चौधरी ने कहा है कि सरकार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि विधायक की तरफ से नोटिस का जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। कांग्रेस की तरह जदयू ने भी न्यायसंगत कार्रवाई का भरोसा दिया है। राजद इस मामले में विधायक के साथ खड़ा है और विधायक को बेकसूर बताया है।