फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब संस्कृति यूनिवर्सिटी तैयार करेगी फॉरेंसिक एक्सपर्ट, नए कोर्स के लिए एडमिशन शुरू

Fri, 13 Jul 2018 05:40 PM IST
Advertorial
विज्ञापन
सचिन गुप्ता
विज्ञापन

संस्कृति यूनिवर्सिटी ने बीएससी (ऑनर्स) फॉरेंसिक साइंस विषय को पाठ्यक्रम में शामिल कर लिया है। अब मथुरा और उसके आसपास के जिलों के युवाओं को फॉरेंसिक एक्सपर्ट बनने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। संस्कृति यूनिवर्सिटी ने सरकारी और प्राइवेट सेक्टर फॉरेंसिक एक्सपर्ट की बढ़ती संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस कोर्स को शुरू किया है। छात्रों के लिए सबसे अच्छी खबर यह है कि संस्कृति यूनिवर्सिटी में बीएससी (ऑनर्स) फॉरेंसिक साइंस के लिए एडमिशन प्रोसेस शुरू भी हो चुका है।

विज्ञापन


ब्रज मंडल के जो छात्र-छात्राएं साइंस से 10+2 की परीक्षा पास कर चुके हैं, वे संस्कृति यूनिवर्सिटी से बीएससी (ऑनर्स) फॉरेंसिक साइंस विषय में एडमिशन लेकर फॉरेंसिक एक्सपर्ट बनने का सपना साकार कर सकते हैं। संस्कृति यूनिवर्सिटी फॉरेंसिक साइंस कोर्स शुरू किए जाने के बारे में कुलाधिपति सचिन गुप्ता ने कहा कि उनके संस्थान का उद्देश्य युवा पीढ़ी को बदलते परिवेश और जरूरतों के हिसाब से शिक्षा देना है। तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में संस्कृति यूनिवर्सिटी में जहां कई विकल्पों पर ध्यान दिया गया है, वहीं मेडिकल के क्षेत्र में भारतीय चिकित्सा पद्धति को भी प्रमुखता दी गई है।

कुलाधिपति सचिन गुप्ता ने कहा कि इन दिनों जिस प्रकार से आपराधिक घटनाएं हो रही हैं, उससे अपराध की तह तक जाने में साइंस की मदद लेना बेहद जरूरी हो गया है। ऐसे में फॉरेंसिक एक्सपर्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। लगातार बढ़ती चुनौतियों के चलते फॉरेंसिक एक्सपर्ट की मांग भी अब तेजी से बढ़ रही है, लेकिन अच्छे फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की आज भी देश में काफी कमी है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए संस्कृति यूनिवर्सिटी ने 2018-19 सत्र से बीएससी (ऑनर्स) फॉरेंसिक साइंस को भी पाठ्यक्रम में शामिल कर लिया है।
विज्ञापन


संस्कृति यूनिवर्सिटी के उप कुलाधिपति राजेश गुप्ता ने कहा कि एक फोरेंसिक एक्सपर्ट के लिए सरकारी और गैर सरकारी क्षेत्रों में नौकरी की भरपूर संभावनाएं है। ऐसे में बीएससी (ऑनर्स) फॉरेंसिक साइंस विषय करियर के लिहाज से बहुत अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। इस क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए रोजगार की फिलहाल कोई समस्या नहीं है। उप कुलाधिपति राजेश गुप्ता ने कहा कि इस प्रोफेशन के प्रति युवाओं में जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है, जो कि अच्छा संकेत है।

फॉरेंसिक साइंस के क्षेत्र में रोमांच के साथ-साथ समाज में बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाने की भी क्षमता है। छोटे से छोटे सबूत के सहारे एक फॉरेंसिक एक्सपर्ट अपराधियों को बेनकाब कर सकता है। फॉरेंसिक एक्सपर्ट विज्ञान के सिद्धांतों और नई तकनीक का उपयोग करते हुए ही क्राइम का इंवेस्टिगेशन करते हैं। इसके लिए एक्सपर्ट ब्लड, बॉडी फ्लूड, हेयर, फिंगर प्रिंट, फुट प्रिंट, टिशू आदि की मदद लेते हैं। उप कुलाधिपति राजेश गुप्ता ने कहा कि युवाओं के सपने को पूरा करने के लिए संस्कृति यूनिवर्सिटी ने बड़ा कदम उठाया है, अब युवाओं को एक कदम आगे बढ़ाकर बीएससी (ऑनर्स) फॉरेंसिक साइंस में एडमिशन के लिए आना चाहिए। फॉरेंसिक साइंस के क्षेत्र में संभावनाएं भरी पड़ी हैं, बस जरूरत है ऐसे युवाओं की जिनकी आंखों में सपने हों और दिल में कुछ कर गुजरने के जज्बात।
विज्ञापन


-Advertorial

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें