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IITs में प्लेसमेंट के लिए नहीं जाएंगे फ्लिपकार्ट, पेटीएम जैसे स्टार्टअप!

Sun, 06 Nov 2016 12:02 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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आईआईटी
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आईआईटी छात्रों के लिए निराशा भरी खबर सामने आ रही है। देश के प्रमुख स्टार्टअप इस बार भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में प्लेसमेंट के लिए नहीं जाएंगे। आईआईटी में कैंपस प्लसमेंट करने वाले स्टार्टअप्स की सख्या में 50 फीसदी की कमी आई है। इस बार आईआईटी में प्लेसमेंट के लिए ई-कॉमर्स कंपनियों में फ्लिपकार्ट, पेटीएम,ओलाकैब्स और स्नैपडील जैसी बड़ी स्टार्टअप्स कंपनियां नहीं जा रही हैं।
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हालांकि आईआईटी के लिए एक खुशी की बात यह है कि इस बार 25 से 30 फीसदी प्री-प्लेसमेंट ऑफर छात्रों को पहले से ही मिल चुके हैं।  आपको बता दें कि आईआईटीज ने साल की शुरुआत में 31 स्टार्टअप्स कंपनियों ब्लैकलिस्टेड किया था। ब्लैकलिस्ट में ग्रोफर्स, बेबी क्लॉदिंग वेबसाइट हॉपस्कॉच, पोर्टिया मेडिकल और अन्य स्टार्टअप्स शामिल हैं इन  कंपनिया को आईआईटी प्लेसमेंट प्रक्रिया में शामिल होने से रोक लगाई गई है।

इन कंपनियों पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने पिछले साल आईआईटीज के छात्रों का कैंपस सिलेक्शन करने के बाद समय पर ज्वाइनिंग देने से मना कर दिया और तय समय से सेलरी देने से इनकार कर दिया था।
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135 छात्रों पर रोजगार न मिलने का खतरा

प्रद्यौगिकी संस्थान
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, आईआईटीज प्लेसमेंट कमेटी द्वारा प्रमुख कंपनियों को ब्लैक लिस्ट में डालने की वजह से 135 छात्रों पर रोजगार न मिलने का खतरा मंडराने लगा है। दरअसल इसके पीछे का कारण स्टार्टअप्स कंपनियों का कैंपस सलेक्शन में हिस्सा न लेना बताया जा रहा है।

आईआईटी चेन्नई में इस बार केवल 54 स्टार्टअप्स ने ही प्लेसमेंट के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है जबकि पिछले साल इनकी संख्या 98 थी। वहीं आईआईटी रुड़की कैंपस में पिछले साल 52 और इस साल केवल 35 स्टार्टअप्स ही प्लेसमेंट के लिए आ रहे हैं। दरअसल में इस बार कंपनियों द्वारा प्लेसमेंट में रुचि नहीं दिखाने के पीछे मुख्य वजह फंड क्राइसिस और मार्केट में जारी उतार-चढ़ाव बताया जा रहा है।

आईआईटी की नियमित कंपनियां जो हर साल प्लेसमेंट में हिस्सा लेती थीं उन्होंने भी इस बार अपने कदम पीछे हटा लिए हैं। इन सभी कारणों को देखते हुए इस बार सिलेक्शन की प्रक्रिया को नवंबर तक जारी रखा जा सकता है।
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