राजधानी रायपुर में 62 वर्षीय जमीन कारोबारी के साथ मारपीट करने, चार करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी देने के मामले में गंज पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज किया है। पीड़ित कारोबारी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अनवर ढेबर और कुबेर राठी समेत छह आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में पुलिस ने संदीप अग्रवाल, आसिफ मेमन, नागेंद्र पांडेय और विवेक जोशी उर्फ मोंटी जोशी को भी नामजद आरोपी बनाया है।
पीड़ित कारोबारी बलिराम धरमानी रायपुर के कालीबाड़ी क्षेत्र के निवासी हैं। उन्होंने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि वर्ष 2018 में उन्होंने लाभांडी स्थित बोरड परिवार की लगभग 2.60 लाख वर्गफीट जमीन का सौदा किया था। इस सौदे के तहत करीब 40 हजार वर्गफीट जमीन की रजिस्ट्री बलिराम धरमानी के नाम पर हुई थी, जबकि बाकी जमीन के लिए दोनों पक्षों के बीच एग्रीमेंट किया गया था। बाद में परिवार के सदस्यों के बीच विवाद होने के कारण बची हुई जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो सकी।
पुरानी जमीन का सौदा और रंगदारी की मांग
शिकायत में पीड़ित कारोबारी ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2022 में आरोपी संदीप अग्रवाल उनके कटोरा तालाब स्थित कार्यालय में पहुंचा। वहां आरोपी ने विवादित जमीन की रजिस्ट्री कराने के एवज में कारोबारी से चार करोड़ रुपये की मांग की। कारोबारी बलिराम धरमानी के अनुसार, उन्होंने बाद में अपने नाम की 40 हजार वर्गफीट जमीन बोरड परिवार को वापस लौटा दी। इसके बदले में उन्हें बोरड परिवार से 3.15 करोड़ रुपये मिले थे।
कारोबारी का दावा है कि इस लेनदेन के बाद बोरड परिवार के साथ उनका कोई आर्थिक हिसाब बाकी नहीं रह गया था। इसके बावजूद आरोपियों ने उन पर लगातार दबाव बनाना जारी रखा और पुरानी जमीन के नाम पर अवैध वसूली की कोशिश की।
होटल में मारपीट और जान से मारने की धमकी
शिकायत के अनुसार, 26 सितंबर को रहमानिया चौक स्थित बबू प्लाजा में दोनों पक्षों की बैठक हुई। इस बैठक में आरोपियों ने कारोबारी से फिर चार करोड़ रुपये देने का दबाव बनाया। इसके अगले दिन 27 सितंबर को फाफाडीह स्थित होटल वेलिंगटन में एक अन्य बैठक बुलाई गई।
जब कारोबारी बलिराम धरमानी ने रकम देने से इन्कार कर दिया, तो आरोपी अनवर ढेबर और कुबेर राठी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए मारपीट की। इस दौरान वहां मौजूद अन्य आरोपियों ने भी कारोबारी को बुरी तरह डराया-धमकाया। आरोपियों ने कारोबारी को चेतावनी दी कि रकम न देने पर वे उनके पूरे परिवार को जान से मार देंगे।
एफआईआर को संवेदनशील श्रेणी में रखने पर सवाल
पुलिस ने पीड़ित कारोबारी की शिकायत पर सभी छह आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2), 351(3), 296, 115(2), 61(2) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस अब जमीन सौदे, पुराने आर्थिक लेनदेन तथा दोनों बैठकों से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।