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झारखंड: गुमला में धार्मिक ढांचे को लेकर BJP-JMM आमने-सामने, बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर लगाया तुष्टीकरण का आरोप

Sun, 05 Oct 2025 12:14 AM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

BJP vs JMM Jharkhand: गुमला में कथित अवैध धार्मिक ढांचे को लेकर झारखंड की सियासत गरमा गई है। भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर तुष्टिकरण का आरोप लगाया, वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा ने इसे झूठा और सांप्रदायिक राजनीति करार दिया।
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बाबूलाल मरांडी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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झारखंड के गुमला जिले में कथित अवैध धार्मिक ढांचे को लेकर सियासत गरमा गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य में अल्पसंख्यकों के तुष्टिकरण की राजनीति हो रही है। मरांडी ने चेतावनी दी है कि अगर इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो भाजपा पूरे राज्य में आंदोलन करेगी।

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वहीं, झामुमो ने भाजपा के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और प्रवक्ता विनोद पांडेय ने कहा कि मरांडी हमेशा झूठ, अफवाह और सांप्रदायिक जहर फैलाकर राजनीति में बने रहना चाहते हैं। लेकिन झारखंड की जनता अब उनके बहकावे में आने वाली नहीं है।

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नेता प्रतिपक्ष मरांडी ने हेमंत सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि गुमला नगर परिषद क्षेत्र के आजाद बस्ती, रजा कॉलोनी वार्ड 14 में एक राययती भूमि पर ताजिया रखने के लिए ईंट और बांस से ढांचा बनाया गया। यह निर्माण तीन हफ्ते से अधिक समय पहले हुआ था, लेकिन प्रशासन अब तक कार्रवाई नहीं कर पाया।

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पत्र में दावा किया गया कि भूमि मालिक रूपेश कुमार सिंह की पुश्तैनी जमीन (0.71 एकड़) पर अतिक्रमण कर यह निर्माण किया गया। सिंह ने 9 सितंबर को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें झामुमो नेता मोहम्मद आरिफ अंसारी समेत अन्य लोगों पर अवैध निर्माण का आरोप लगाया गया था। मरांडी ने यह भी कहा कि जमीन पर कब्जे की जानकारी देने वालों को धमकाया गया और दंगे की चेतावनी दी गई। उन्होंने इसे "लैंड जिहाद" और "लव जिहाद" से जोड़ते हुए कहा कि राज्य में ऐसे मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है और यह सब सरकार की मौन स्वीकृति से हो रहा है।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पुलिस पर राजनीतिक दबाव है, जिसकी वजह से न तो आरोपियों से पूछताछ हो रही है और न ही कार्रवाई। उन्होंने मांग की कि तुरंत इस ढांचे को हटाया जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।

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