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Mokama Murder Case: दुलारचंद की हत्या के बाद पटना के एसपी ग्रामीण का तबादला, चुनाव आयोग की अफसरों पर कार्रवाई

Sat, 01 Nov 2025 07:29 PM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/पटना
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दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में कार्रवाई। - फोटो : अमर उजाला
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 बिहार में चुनाव के दौरान मोकामा विधानसभा क्षेत्र में हाल ही में हुई हिंसा और जनसुराज के समर्थक दुलारतंद यादव की गोली मारकर हत्या करने के संबंध में बड़ी कार्रवाई की है। आयोग ने इस मामले में आयोग ने बाढ़ के एसडीओ चंदन कुमार और एसडीपीओ राकेश कुमार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश दिया है। वहीं, बाढ़-2 के एसडीपीओ अभिषेक सिंह को निलंबित कर दिया गया है।

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इतना ही नहीं, निर्वाचन आयोग ने इसके साथ ही पटना (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग का तबादला करने का निर्देश भी दिया है। गौरतलब है कि यह कदम आयोग ने क्षेत्र में निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने और प्रशासनिक निष्क्रियता की शिकायतों के मद्देनजर उठाया है।

 इससे पहले, बीते दिन मोकामा में चुनाव प्रचार के दौरान हुई फायरिंग में दुलारचंद यादव की मौत के मामले को लेकर चुनाव आयोग ने बिहार के डीजीपी से रिपोर्ट तलब की थी। बता दे कि बीते मंगलवार को मोकामा में चुनाव प्रचार के दौरान दो पक्षों के बीच गोलीबारी हुई, जिसमें दुलारचंद यादव की मौके पर ही मौत हो गई।
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पोस्टमोर्टम रिपोर्ट में डॉक्टर का बड़ा खुलासा 
इससे पहले, दुलारचंद यादव की हत्या के बाद बीते दिनउनकी अंतिम यात्रा में भी जमकर बवाल हुआ था। वहीं दुलारचंद की पोस्टमोर्टम रिपोर्ट में कई बड़े खुलासे हुए है। इसमें बताया कि दुलारचंद यादव का अनुमंडलीय अस्पताल में तीन सदस्यीय टीम के द्वारा पोस्टमार्टम किया गया। इस टीम में डॉ अजय कुमार, डॉ रोहन और डॉ दिलीप शामिल थे।  

दुलारचंद यादव के अनुमंडलीय अस्पताल में पोस्टमार्टम करने वाले डॉ अजय कुमार ने बताया था कि दुलारचंद यादव की पोस्टमोर्टम रिपोर्ट में जो बात सामने आई वह यह है कि उन्हें अंदरूनी चोट थी। बाएं पैर में गोली लगी है, लेकिन उस गोली से मौत नहीं हो सकती। गोली ठेहुना के आर-पार हो गई थी। पूरे शरीर में चोट लगी थी। सीने में भी चोट थी। 10-12 एक्स रे भी किया गया है, जिसका रिपोर्ट आना अभी बाकी है। 

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अनंत सिंह ने लगाया सूरजभान पर आरोप 
घटना के संबंध में बाहुबली अनंत सिंह ने बताया था कि ये तब हुआ था जब हमलोग टाल पर वोट मांग रहे थे। इस दौरान हमने देखा कि रास्ते में लगभग 100-150 गाड़ियां (जन सुराज) खड़ी हैं। मुझे देखकर वे लोग मुर्दाबाद-मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे, लेकिन हमलोगों ने इसपर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। हमलोग लगभग 40 गाड़ियों से आगे बढ़ते गये। इसी बाच जब हमारी लगभग 10 गाड़ियां गुजारनी शेष थी, तभी हमारे समर्थकों के साथ उन लोगों ने मारपीट करना शुरू कर दिया। हमारी गाड़ियों में तोड़-फोड़ करने लगे। उन्होंने कहा कि सबसे पहले दुलारचंद ने ही हाथ चलाया, जिसके बाद यह घटना हुई। इस दौरान अनंत सिंह ने सूरजभान सिंह पर भी आरोप लगाते हुए कहा था कि वह चाहता ही था कि किसी तरह का झगड़ा हो जाय, ताकि चुनावी माहौल खराब हो सके। अनंत सिंह ने बताया कि दुलारचंद को सूरजभान ने अपना शागिर्द बनाकर अपने पास रखा था। वह दिनभर सूरजभान की गाड़ी चलाता था।

 

जन सुराज ने लगाया बाहुबली अनत सिंह पर हत्या का आरोप 
वहीं, जन सुराज ने दुलारचंद यादव की हत्या का आरोप जदयू प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह पर लगाया था । पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने कहा कि इस घटना को लोकतांत्रिक अधिकारों की हत्या करार दिया था।  

सूरजभान सिंह बोले- चुनाव आयोग जांच करवाए
वहीं, मोकामा में दुलारचंद यादव हत्याकांड पर मोकामा विधानसभा से राष्ट्रीय जनता दल की प्रत्याशी वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे लोकतंत्र का हनन बताया। साथ ही कहा कि  इस घटना के कारण सबसे बड़ी बदनामी चुनाव आयोग की हो रही है। उन्होंने कहा कि मैं चुनाव आयोग से आग्रह करता हूं कि इस मामले पर सेवानिवृत जज की निगरानी में जांच कमीशन बनाए। इससे जो भी सच्चाई होगी अपने आप सामने आ जाएगी। घटना के वक्त मोकामा हजारों लोग मौजूद थे। इस निर्मम हत्याकांड को सब देखा है। 

क्या बताया प्रत्यक्षदर्शी ने 
जन सुराज पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी ओबैदुर रहमान ने घटना वाले दिन बताया था कि उन्हें एक प्रत्यक्षदर्शी से मिली जानकारी के अनुसार घटना आज गुरुवार की शाम 4 बजे के आसपास की है। पार्टी के मोकामा विधानसभा उम्मीदवार प्रियदर्शी पीयूष घोसवरी प्रखंड में अपने काफिले के साथ जनसंपर्क करने पहुंचे थे। इसी बीच दूसरी ओर से आ रहे उम्मीदवार के काफिला में शामिल समर्थकों ने उनके काफिले की गाड़ियों पर हमला कर शीशा तोड़ना शुरू कर दिया। हमारे प्रत्यक्षदर्शी की गाड़ी पर भी हमला कर शीशा तोड़ा गया। इसी बीच पीछे की किसी गाड़ी में बैठे दुलारचंद्र यादव हंगामा सुनकर बाहर निकले तो उनपर हमला कर दिया गया। पहले पैर में गोली मारी गई और फिर गाड़ी चढ़ा कर हत्या कर दी गई। 
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कौन थे दुलारचंद यादव ?
गौरतलब है कि कहा जा रहा है कि मृतक दुलारचंद यादव, जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार के चाचा थे, हालांकि यह बात गलत है। बता दे कि दुलारचंद यादव जाति से थे और वह राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के काफी करीबी रहे थे। वह खुद राजद समर्थक थे। वह राजद की सीट से टिकट भी लेना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।  तब उन्होंने कुछ दिनों से जन सुराज पार्टी के साथ नजदीकी बढानी शुरू कर दी थी। वहीं दूसरी तरफ जन सुराज के मोकामा विधानसभा प्रत्याशी प्रियदर्शी पीयूष धानुक जाति से हैं।  
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