छत्तीसगढ़ में इन दिनों हर तरफ चुनाव की चर्चा है। चाय की चौपाल हो या कोई बाजार हर तरफ राजनीतिक चर्चाएं होना अब आम बात हो गई है। 90 सीटों वाली विधानसभा के पहले चरण में 18 सीटों पर चुनाव 12 नवंबर को मतदान होना हैं। लिहाजा प्रदेशभर में, खासकर दक्षिणी छत्तीसगढ़ में चुनाव प्रचार अपने चरम पर है। सभी पार्टियां मतदाताओं को लुभाने के लिए अपना दम लगा रहीं हैं। पहले चरण के नामांकन समाप्ति के बाद नामांकन वापसी के आखिरी दिन शुक्रवार को 31 उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिया।
बागी नेता हुए नरम
दोनों ही पार्टियों के लिए बागी नेता और उनके समर्थक सरदर्द बने हुए थे। अब इनमें से कई ने अपना नाम वापस ले लिया है। भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सीट बन चुकी राजनांदगांव विधानसभा में आठ प्रत्याशियों ने नामांकन वापस लिया है।
दंतेवाड़ा और बीजापुर में भी भाजपा के बागियों ने नाम वापस ले लिया है। इसी तरह दंतेवाड़ा में कांग्रेस की उम्मीदवार देवती कर्मा का विरोध कर रहे उनके पुत्र छबिंद्र अब उनके समर्थन में आ गए हैं।
31 उम्मीदवारों ने नामांकन लिया वापस
कांकेर जिले में अंतागढ़ और भानुप्रतापपुर से तीन-तीन और कांकेर और डोंगरगांव से दो अभ्यर्थियों ने नाम वापस लिया है। इसके अलावा नारायणपुर, खैरागढ़, डोंगरगढ़, चित्रकोट और बीजापुर में एक-एक, बस्तर में दो, दंतेवाड़ा और जगदलपुर में तीन-तीन प्रत्याशियों ने नाम वापस ले लिया है। पहले चरण की 18 सीटों पर अब 190 उम्मीदवार मैदान में हैं।
मुख्यमंत्री की सीट से सर्वाधिक प्रत्याशी मैदान में
केशकाल में आठ, कोंडागांव, बस्तर में पांच-पांच, डोंगरगांव में 12, खुज्जी में 16, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, चित्रकोट व भानुप्रताप में सात-सात, खैरागढ़ में 17, डोंगरगढ़ व मोहलामानपुर में 10-10, जगदलपुर में 21 और अंतागढ़ में 11 उम्मीदवार मैदान में हैं। इसके अलावा राजनांदगांव से सर्वाधिक 30 प्रत्याशी मैदान में हैं।
पहले चरण में इन सीटों पर होंगे चुनाव
राजनांदगांव
बीजापुर
दंतेवाड़ा - (ST)
चित्रकोट - (ST)
बस्तर - (ST)
जगदलपुर
नारायणपुर - (ST)
केशकाल - (ST)
कोण्डागांव - (ST)
अंतागढ़ - (ST)
भानुप्रतापुर - (ST)
कांकेर - (ST)
खैरागढ़
डोंगरगढ़ - SC
डोंगरगांव
खुज्जी
मोहला- मनपुर - (ST)
कोंटा - (ST)
पहले चरण की 18 में से 10 सीटें एससी-एसटी के लिए आरक्षित हैं। बता दें कि राज्य में कुल 51 सीटें सामान्य है जबकि 10 सीटें एससी और 29 सीटें एसटी के लिए आरक्षित हैं। राजनांदगांव की सीट भाजपा के लिए साख का विषय बनी हुई है। राजनांदगांव की सीट नक्सल के प्रभाव वाली सीट है।
कांग्रेस पार्टी ने मुख्यमंत्री के खिलाफ राजनांदगांव से पूर्व पीएम अटल बिहारी की भतीजी करुणा शुक्ला को मैदान में उतारा है। पिछले विधानसभा चुनाव में राजनांदगांव की 6 सीटों में से कांग्रेस ने 4 जबकि भाजपा ने 2 सीटों पर कब्जा किया था। इसके अलावा पहले चरण की 18 सीटों पर 12 कांग्रेस और 6 सीटों पर भाजपा उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में दो चरणों में चुनाव होने हैं। पहले चरण में 12 नवंबर को 18 सीटों पर मतदान होंगे जबकि दूसरे चरण में 72 सीटों पर 20 नवंबर को मतदान होंगे। सभी विधानसभा सीटों के परिणाम एक साथ 11 दिसंबर को आएंगे।