पांचों राज्यों में विधानसभा चुनाव में जीत के लिए भारतीय जनता पार्टी में प्रधानमंत्री मोदी की सभाओं की मांग बढ़ गई है। छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में पार्टी भले ही अपने मुख्यमंत्रियों के चेहरे पर चुनाव लड़ रही हो, मगर पीएम मोदी ही प्रमुख चेहरा हैं। माना जा रहा है कि इन राज्यों में प्रधानमंत्री 25 सभाएं कर सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी अबतक छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में दो-दो चुनावी सभा कर चुके हैं।
स्टार प्रचारकों में प्रधानमंत्री की मांग सबसे ज्यादा
प्रधानमंत्री के अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, स्मृति ईरानी, उमा भारती इन चुनावों में प्रचार की कमान संभाले हुए हैं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह चुनावी राज्यों में अबतक दर्जनों सभाएं कर चुके हैं। हर उम्मीदवार चाहता है कि प्रधानमंत्री उसके लिए प्रचार करें।
मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री की पांच दिनों में 10 सभाएं तय की गई है। सभाओं की संख्या में इजाफा किया जा सकता है। राजस्थान में आठ रैलियों की संभावना है जबकि छत्तीसगढ़ में पांच सभाएं प्रस्तावित हैं। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री दो सभाएं कर चुके हैं। तेलंगाना और मिजोरम में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम अभी तय होना बाकी है।
सूत्रों के मुताबिक पार्टी भीषण प्रचार करके इन चुनावों को मिनी लोकसभा चुनाव का रूप नहीं देना चाहती लिहाजा स्थानीय मुद्दों और परिस्थिति को देखकर बड़े नेताओं का कार्यक्रम तय किया जा रहा है। सभी राज्यों के चुनाव परिणाम एक साथ 11 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे।