हैप्पीनेस क्लास में मौजूद मिस्टर वांगचुक और मनीष सिसोदिया
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हैप्पीनेस क्लास आम आदमी पार्टी की केजरीवाल सरकार का नया प्रयोग है। इसकी चर्चा अब अमेरिका तक पहुंच रही है, क्योंकि अमेरिका की प्रथम लेडी मेलानिया ट्रंप स्कूल का दौरा करने वाली हैं। हालांकि इस दौरान वहां न तो मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल होगे और न ही उपमुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया।
आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं को इसका मलाल है। आम आदमी पार्टी के वालेंटियर्स केंद्र सरकार की इस मंशा को भुनाने में जुट गए हैं। कमल चौधरी कहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की टीम मुद्दे को हाईजैक कर लेने में काफी आगे हैं।
मनीष सिसोदिया के लिए प्रचार प्रसार में भूमिका निभाने वाले राजेश चौधरी का कहना है कि हैप्पीनेस क्लास नया प्रयोग है। बच्चों में इसका असर दिखाई दे रहा है। कई राज्य दिल्ली की हैप्पीनेस क्लास और शिक्षा में हो रहे सुधार में रुचि दिखा रहे हैं।
चौधरी का कहना है कि भाजपा के नेताओं ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान शिक्षा में सुधार की जमकर खिल्ली उड़ाई थी, लेकिन अब वे चुप्पी साध गए हैं। हालांकि चौधरी का कहना है कि दिल्ली की जनता सब जानती है। इसलिए इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि केंद्र सरकार इसका अकेले क्रेडिट क्यों लेना चाह रही है।
जब योगी और रूपाणी आ रहे हैं तो केजरीवाल से परहेज क्यों?
अमेरिका के राष्ट्रपति सपरिवार अहमदाबाद पहुंच रहे हैं। राजेश चौधरी, सुनील मलिक और धनेश कपूर का कहना है कि जब वहां गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी कार्यक्रम में शरीक हो रहे हैं, तो दिल्ली में अरविंद केजलीवाल या मनीष सिसोदिया को भी बुलाया जाना चाहिए।
राजेंद्र सिंह का कहना है कि भाजपा में अटल बिहारी वाजपेयी से बड़ा अभी कोई नेता नहीं हुआ है। अटल जी की कविता है कि छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता....। राजेंद्र कहना है कि जिस तरह से अरविंद केजरीवाल और सिसोदिया की अनदेखी हो रही है, यह कविता की लाइन मौजूदा केन्द्र सरकार पर सटीक बैठ रही है।
आगरा के रहने वाले और दिल्ली में शिक्षा विभाग में नौकरी कर रहे रवींद्र के अनुसार आगरा में राष्ट्रपति सपरिवार ताजमहल का दीदार करने आ रहे हैं। वहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के होने की पूरी संभावना है। फिर दिल्ली में भी केंद्र सरकार को दिल्ली के मुख्यमंत्री को यह सम्मान देना चाहिए था।