लाल किले पर किसानों ने कुछ ऐसे किया प्रदर्शन
- फोटो : पीटीआई
दिल्ली पुलिस ने 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड के दौरान जो हिंसा हुई, उसके संबंध में 22 एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें डकैती डालने का मामला भी दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार, नांगलोई में जो एफआईआर दर्ज की गई है, उसमें डकैती की धाराएं लगाई गई हैं। प्रदर्शनकारी वहां से पुलिस से आंसू गैस के गोले छीनकर ले गए थे।
सूत्रों के अनुसार, किसान संगठनों की ट्रैक्टर रैली में जो हुआ है, दिल्ली पुलिस उसका हिसाब-किताब करेगी। दिल्ली पुलिस, कानून व्यवस्था अपने हाथ में लेने वाले आरोपियों की सूची तैयार करने में जुट गई है। लालकिला पर ट्रैक्टर ले जाने और वहां अपने संगठन का झंडा फहराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी हो रही है।
दिल्ली पुलिस ने करीब दो सौ से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटाई है। इसके अलावा पुलिस ने किसानों की उग्रता वाली घटनाओं का वीडियो भी बनाया है। एक बड़े पुलिस अधिकारी ने यह पुष्टि की है।
इस बात की पूरी संभावना है कि आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर उन किसानों की गिरफ्तारी हो, जिन पर तोड़फोड़ करने, पुलिस पर हमला करने, लालकिला में जबरन घुस कर निजी संगठन का झंडा फहराने और पुलिस द्वारा तय शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पुलिस के पास पर्याप्त सबूत हैं। इलेक्ट्रॉनिक फुटेज और मैनुअल वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए आरोपियों की पहचान का काम शुरू किया गया है।
वहीं किसान संगठन के एक नेता का कहना है कि जिस तरह पुलिस अपना होमवर्क कर रही है, किसान संगठन भी करेंगे। ये देखा जाएगा कि कसूर किसका है। हालांकि हमारे संयुक्त किसान मोर्चा के सहयोगियों द्वारा पहले ही कहा जा चुका है कि ट्रैक्टर रैली में कानून व्यवस्था भंग करने वालों से किसान संगठनों का कोई नाता नहीं है। वह साजिश हो सकती है। किसान संगठन, उसी रूट पर चले हैं, जो पुलिस ने सुझाए थे।